पीरियड्स में कमजोरी क्यों आती हैं ?

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है पीरियड्स में कमजोरी क्यों आती हैं,हम सभी जानते हैं, कि हर महिला और लड़की को माहवारी के दौरान कितनी तकलीफ हो से गुजरना पड़ता है! शरीर में हो रहे होर्मोनाल बदलाव, मांसपेशियों की ऐंठन, जोड़ों में दर्द, कमर दर्द, पेट दर्द, खून का बहाव, डायरिया, ब्लोटिंग आदि कारणों से महिलाएं काफी परेशान रहती है। इसी के साथ, पीरियड में होने वाले इन सभी दर्द का सामना करते करते महिलाएं खुद के खान-पान का ख्याल रखना भूल जाती है। हर वक्त दूसरों का ख्याल रखने वाली महिलाएं खुद का ध्यान रखना भूल जाती है और उन्हें पीरियड्स के दौरान कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, कमजोरी आना बहुत ही आम बात हो जाती है। 

हैवी ब्लड फ्लो होने के कारण अधिक ब्लड लॉस की वजह से कमजोरी आ सकती है। लेकिन इस, पीरियड के दौरान आई कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अधिकतर महिलाएं इस बात को नजरअंदाज कर देती है और उस पर कोई भी इलाज नहीं करती है। ऐसे में, आगे जाकर उनको कई सारी स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पूरे घर का ख्याल रखते रखते महिलाएं खुद के लिए टाइम निकालना ही भूल जाती है और खुद की खान पान के ऊपर भी ध्यान देना उन्हें महत्वपूर्ण नहीं लगता है। 

लेकिन, महावारी के दौरान हो रहे कमजोरी पर आपको जरूर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे आजमा सकती हैं; जिनको आजमाकर महावारी के दौरान आने वाली थकावट और कमजोरी को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। तो दोस्तों, आज जानेंगे पीरियड्स में कमजोरी आने के कारण और उपाय।

पीरियड के दौरान कमजोरी आने के कारण

पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को बहुत ज्यादा ब्लड फ्लो देखने को मिलता है; जो कि सामान्य नहीं है। सामान्य से अधिक ब्लड फ्लो होने के बावजूद कई सारी महिलाएं इस समस्या को नजरअंदाज कर देती हैं। अगर आपके पीरियड एक हफ्ते से ज्यादा दिन तक रहते हैं और आपको एक से दो घंटे के बीच पैड बदलने की जरूरत पड़ती है; तो इसे “हेवी ब्लीडिंग” माना जाता है। 

कई महिलाओं को पीरियड के दौरान पेट दर्द, मांसपेशियों की ऐंठन और हेवी ब्लीडिंग होती है। कई बार यह स्थिति अनियंत्रित और असामान्य हो जाती है। इस अनियंत्रित स्थिति को “मेनोरेजिया” कहते हैं। इस समस्या में पेट में अधिक दर्द होता है, हैवी ब्लीडिंग होती है तथा रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कत महसूस होती है। इस समस्या में बिल्डिंग इतनी तेज होती है; कि हर घंटे आपको पैड बदलने की जरूरत महसूस होती है। 

मेनोरेजिया के साथ-साथ; हार्मोनल चेंजेज, फाइब्रॉयड, ट्यूमर जैसी बीमारियों के कारण भी हेवी ब्लीडिंग देखने को मिलती है। हेवी ब्लीडिंग होने की वजह से शरीर में आयरन की मात्रा कम हो जाती है और हम कमजोरी महसूस करने लगते हैं। कई बार यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है; कि कई सारी महिलाएं एनीमिया का शिकार हो जाती है।

पीरियड्स में आई कमजोरी को दूर करने के उपाय

 महावारी के दौरान हो रही दिक्कतों में से सबसे बड़ी परेशानी होती है, कमजोरी महसूस होना। खानपान में उचित बदलाव करने से और जीवन पद्धति को सुधारने से पीरियड्स के दौरान की कमजोरी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

१) विटामिन सी युक्त आहार-

विटामिन सी युक्त पदार्थ शरीर में आयरन का अवशोषण सही तरीके से करते हैं। इसीलिए, पीरियड्स के दौरान आई कमजोरी को दूर करने के लिए विटामिन सी युक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए। संतरा, नींबू, मौसंबी, स्ट्रॉबेरी, आवला, अंगूर जैसे विटामिन सी युक्त फलों का सेवन अपने आहार में अवश्य करें। इसी के साथ; ब्रोकोली, टमाटर जैसी सब्जियों को भी अपने आहार में समाविष्ट करें। इन सभी पदार्थों में विटामिन सी उचित मात्रा में होता है; जो शरीर से कमजोरी हटाता है और इम्युनिटी बढ़ाता है।

२) खुद को रखें हाइड्रेटेड-

पीरियड के दौरान खुद को हाइड्रेटेड रखना बहुत ही जरूरी होता है। क्योंकि, अगर आपका आपको हेवी ब्लीडिंग हो रहा है; तो आपका ब्लड वॉल्यूम कम हो सकता है। इसलिए, पीरियड के दौरान तीन से चार कप पानी ज्यादा पीने की कोशिश करें। पीरियड्स के दौरान आई कमजोरी कभी-कभी महिलाओं में चक्कर आने का कारण भी बनती हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप चीनी और नमक का घोल मिलाकर ची पी सकती है या इलेक्ट्रोलाइट पाउडर का भी सेवन कर सकती हैं; इससे आपको कमजोरी महसूस नहीं होती है। 

३) विटामिन ई-

कई महिलाओं को पीरियड के दौरान हेवी ब्लीडिंग होने के कारण कमजोरी महसूस होती है। विटामिन ई युक्त पदार्थों का सेवन करने से हेवी ब्लीडिंग को नियंत्रित किया जा सकता है तथा पीरियड्स में होने वाले दर्द को भी रोका जा सकता है। इसीलिए, अपने डॉक्टर के सलाह के अनुसार आप विटामिन ई का सेवन उचित मात्रा में जरूर करें।

४) विटामिन डी-

विटामिन डी का सबसे बड़ा स्रोत सूरज की रोशनी होता है। विटामिन डी युक्त पदार्थों का सेवन करने से हमारी मेंस्ट्रूअल साइकिल सही रहने में मदद मिलती है और कमजोरी भी दूर होती हैं। अंडा, पनीर, दही, दूध अभी पदार्थों में विटामिन डी की उचित मात्रा होती है; जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में फायदेमंद होती हैं। इसी के साथ, आप सप्लीमेंट्री विटामिन डी का सेवन भी कर सकती हैं। अपने डॉक्टर के सलाह के अनुसार आप विटामिन डी टैबलेट्स का सेवन कर सकती हैं।

५) आयरन-

हमारे शरीर में हिमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन की मात्रा उचित होना बहुत आवश्यक होता है। पीरियड्स में ब्लीडिंग के दौरान शरीर से आयरन की मात्रा कम हो जाती हैं; जो कमजोरी का कारण बनती है। कई बार शरीर में आयरन की कमी की वजह से एनीमिया की शिकायत भी देखने को मिलती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए अपने आहार में आयरन से भरपूर पदार्थों का सेवन करना जरूरी हो जाता है। पालक, टोफू, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, अलग-अलग प्रकार के फल और दूध, दही जैसे पदार्थों का समावेश करें। इसी के साथ, खाना बनाते समय लोहे के बर्तन का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें, कि लोहे के बर्तन में खाना ज्यादा देर तक ना रखें।

६) पर्याप्त नींद-

पीरियड के दौरान कमजोरी को दूर करने के लिए पर्याप्त मात्रा में नींद भी काफी आवश्यक होती हैं। हालांकि, माहवारी के दौरान नींद के साथ, आराम भी महत्वपूर्ण होता है। अगर आपको भी पीरियड्स के दौरान अधिक कमजोरी महसूस होती हैं, तो पर्याप्त मात्रा में नींद ले और अतिरिक्त आराम जरूर करें।

दोस्तों, माहवारी के दौरान हो रही कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उसके लिए डॉक्टर से उचित परामर्श तो जरूर ले और ऊपर बताएं घरेलू नुस्खे भी आजमा कर देखें।

तो दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का पीरियड्स में कमजोरी क्यों आती हैं यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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