टायफायड को जड़ से खत्म करने के लिए क्या करें

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है,टायफायड को जड़ से खत्म करने के लिए क्या करें,आजकल के बदलते वातावरण में प्रदूषण काफी बढ़ रहा है और उस वजह से हमारे शरीर पर बहुत बड़ा बुरा असर पड़ता है। इसी के साथ, लोग अपने जीवन शैली में भी काफी बदलाव ला रहे हैं। लोग घूमने जाते हैं, तो ऐसे में बाहर जो दिखे वह खा लेते हैं। दूषित खाना खाने से, दूषित पानी पीने से बहुत सारी बीमारियां फैलती है। टाइफाइड ऐसी ही एक बीमारी है; जो दूषित खाना और पानी पीने से होती है।

टायफायड में मरीज को बुखार आता है और अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं । टायफायड “सालमोनेला टायफी” नाम के बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया दूषित खाना और दूषित पानी से हमारे ब्लड फ्लो और पाचन तंत्र तक पहुंच जाता है और उन्हें काफी हद तक प्रभावित करता है। इससे हमें बुखार, उल्टी, बदन दर्द, जी मचलाना, पेट दर्द आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तो आइए दोस्तों, आज जानते हैं ऐसे कुछ घरेलू नुस्खे जिससे टाइफाइड को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

टायफायड होने के कारण

मुख्यतः टाइफाइड सालमोनेला टायफी बैक्टीरिया से संक्रमित खाना और पानी पीने से होता है। इसी के साथ, दूषित खाना खाने और पानी पीने से भी टाइफाइड हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के निकटतम संपर्क से या संक्रमित व्यक्ति का जूठा खाना खाने से भी टाइफाइड की लागत हो सकती है।

टायफायड होने के लक्षण

बुखार आना टाइफाइड का मुख्य लक्षण होता है। इसी के साथ, अन्य लक्षणों को भी देखा जा सकता है।

१) जैसे जैसे इंफेक्शन बढ़ता जाता है, वैसे आपकी भूख कम होने लगती हैं।

२) ठंड की अनुभूति हो ना और उसके साथ-साथ तेज़ बुखार आना।

३) बदन दर्द होना, सिर दर्द होना, दस्त होना।

४) दस्त होने की वजह से मरीज को सुस्ती एवं आलस्य और कमजोरी महसूस होती है।

५) पेट में दर्द होना, जी मचलाना, उल्टी होना तथा बेचैनी महसूस होना।

टायफायड को जड़ से खत्म करने के उपाय

वैसे तो, टाइफाइड डॉक्टर के पास जाकर ही पूरी तरह से ठीक हो पाता है। इसीलिए जैसे ही टाइफाइड के लक्षण दिखते हैं; आप तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और इलाज शुरू करवाएं। डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ ही आप कुछ अन्य घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं; जिससे आपको टाइफाइड के लक्षणों से काफी राहत मिलती हैं।

१) लौंग-

४-५ कप पानी में ३-४ लौंग डालकर पानी अच्छे से उबाल लें। पानी तब तक उबालें, जब तक पानी आधा ना हो जाए। इस पानी का सेवन करने से आपको टाइफाइड से काफी राहत मिलती है और टाइफाइड में आई कमजोरी भी दूर होती है।

२) सेब का रस-

टायफायड में आए बुखार को कम करने के लिए सेब के रस में अदरक का रस मिलाकर पी लें। सेब का रस पीने से आपको टाइफाइड से राहत मिलती है। इसी के साथ, आपकी कमजोरी भी दूर होने में मदद मिलती है।

३) फलों का रस-

टाइफाइड में बुखार और दस्त की वजह से मरीज काफी कमजोर महसूस करते हैं। इस कमजोरी से निजात पाने के लिए आप तरह-तरह के फ्रूट्स का जूस ले सकते हैं। इसी के साथ, आप हर्बल टी या ग्रीन टी का भी सेवन कर सकते हैं। इससे आपकी कमजोरी दूर होगी और टाइफाइड से लड़ने में आपको शक्ति मिलेगी। फलों के जूस और हर्बल टी, ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं; जो हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। इसीलिए, इसका सेवन काफी उपयुक्त होता है। इसी के साथ, सिर्फ उबला हुआ पानी पिए और हल्का खाना खाए।

४) लहसुन-

लहसुन गर्म तासीर वाला होता है और उसमें एंटीबायोटिक, एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं। लहसुन की ७-८  कलियां घी में तल लें। इसमें सेंधा नमक डालकर उसका सेवन करें। इससे आपको टाइफाइड के लक्षण से काफी राहत मिलती हैं।

५) ठंडे पानी की पट्टी-

टाइफाइड के मरीज को काफी तेज बुखार रहता है और यह बुखार काफी दिनों तक बना रहता है। इसीलिए, ऐसे मरीजों के माथे और हाथों, पैरों पर ठंडे पानी की पट्टियां रखनी चाहिए। ऐसा करने से, मरीज के शरीर का तापमान सामान्य बना रहने में मदद मिलती है और बुखार भी कम हो जाता है।

६) शहद-

शहद में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज मौजूद होती है। टाइफाइड से राहत पाने के लिए एक चम्मच शहद एक गिलास गुनगुने गर्म पानी में पीने से काफी लाभ होता है।

७) तुलसी-

तुलसी लगभग हर विकार के लिए उपयोग में लाई जाती हैं। तुलसी और सूरजमुखी के रस को मिलाकर पीने से टाइफाइड से काफी राहत मिलती है। इसके अलावा, चाय बनाते समय तुलसी की ४-५ पत्तियां डाल दे और ऐसी चाय पी ले। इसी के साथ, तुलसी की ५-६ पत्तियां एक कप गर्म पानी में उबालकर पीने भी आप को काफी राहत मिलती है।

८) आयुर्वेदिक काढ़ा-

योग गुरु बाबा रामदेव जी के अनुसार, मनुक्के और अंजीर से बना हुआ काढ़ा पीने से टाइफाइड ३-४ दिनों में ही ठीक हो सकता है। इसी के साथ बाबा रामदेव जी का कहना है, कि इस काढ़े के साथ चीकू का सेवन करना चाहिए। अगर चीकू उपलब्ध ना हो, तो पपीते का सेवन करना चाहिए।

इस काढ़े को बनाने के लिए ४-५ अंजीर, ९ मनुक्के और ४ ग्राम खुबकला को लगभग आधा लिटर यानि ५०० मिली पानी में मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। पानी को तब तक उबालें, जब तक पानी १००-१५० मिली बच जाएं। उसके बाद इस पानी को अच्छे से मैश कर ले और छान ले। इस काढ़े का दिन में २-३ बार सेवन करें।

अन्य उपाय- 

इन सब घरेलू इलाजो के साथ-साथ टाइफाइड से राहत पाने के लिए आपको हल्का खाना ही खाना चाहिए और उबला हुआ पानी ही पीना चाहिए। ऐसा करने से आपके पाचन संस्था को मजबूती मिलती हैं। आपके आहार में ताजे फल, फलों का जूस, हरी पत्तेदार सब्जियां, सब्जियों के सूप इनका समावेश होना चाहिए। अपना आहार संतुलित रखने से आपके शरीर में आई कमजोरी दूर होती है और टाइफाइड से भी राहत मिलती है।

डॉक्टर की सलाह-

टायफायड बैक्टेरियल संक्रमण से होनेवाली बीमारी है। इसीलिए, इसका प्रभाव तुरंत दिखना शुरू हो जाता है। आपको बुखार के साथ-साथ पेट में दर्द, उल्टी, बदन दर्द जैसे लक्षण दिखने शुरू हो जाए; तो तुरंत आप डॉक्टर की सलाह लें और इलाज शुरू करवा दें। आपने अगर जल्दी इलाज शुरू नहीं किया, तो यह संक्रमण बढ़ सकता है और आपके पाचन संस्था को अधिक क्षति पहुंचा सकता है। इसलिए, संक्रमण बढ़ने से पहले आप अपने डॉक्टर से उचित सलाह लें और डॉक्टर द्वारा बताए गए दिशा निर्देशों का अच्छे से पालन करें।

दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, हमको आज का यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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