पीरियड में दर्द कम करने के टैबलेट की जानकारी

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है पीरियड में दर्द कम करने के टैबलेट की जानकारी,हर महिला को हर महीने के वह चार दिन बहुत तरह के दर्द सहने पड़ते हैं। हर महिला और लड़की को जिंदगी में कभी ना कभी पीरियड के दौरान के दर्द से गुजर ना ही पड़ता है। कई बार यह दर्द इतना ज्यादा होता है; कि महिलाओं को उनके रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कत महसूस होने लगती है। इस अवस्था को “डिसमैनरिया” या “मेंस्ट्रुअल क्रैंप्स” कहते हैं। अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है; कि लगभग आधे से ज्यादा महिलाओं की आबादी को पीरियड के दौरान हल्का फुल्का दर्द महसूस होता ही है। माहवारी के दौरान हर महिला की तकलीफ अलग-अलग होती हैं।

कई महिलाओं को माहवारी के दौरान पेट दर्द, कमर दर्द, मांसपेशियों की ऐंठन, डायरिया जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन, कई बार महिलाएं इस दर्द को नजरअंदाज कर देती है। यह बात गलत है। मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द के लिए इलाज करना बहुत आवश्यक होता है। इस दर्द को कम करने के लिए आप कई घरेलू नुस्खे भी आजमा सकते हैं। लेकिन, अगर दर्द ना रुके; तो आप डॉक्टर से सलाह लेकर दवाइयों का सेवन कर सकती है। अपने आप कोई भी दवाई का सेवन करने से बेहतर है, कि डॉक्टर से उचित सलाह लें और उनके सलाह अनुसार ही दवाइयों का सेवन करें। दोस्तों, आज जानेंगे पीरियड में दर्द कम करने के टैबलेट की जानकारी

पीरियड में दर्द के कारण-

पीरियड में होने वाले दर्द के कई कारण हो सकते हैं।

१) प्राइमरी डिस मेनोरिया-

यह अवस्था खासकर किशोरावस्था की लड़कियों में देखने को मिलती है। मासिक धर्म के दौरान हमारे शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं; जिनकी वजह से हमारे गर्भाशय के अंदर की परत को बाहर निकलने में मदद मिलती है। इस प्रक्रिया के दौरान गर्भाशय में संकुचन आता है। गर्भाशय में होने वाले संकुचन की वजह से ही मेंस्ट्रूअल क्रैंप्स देखने को मिलते हैं। आमतौर पर; पेट दर्द, पीठ दर्द, कमर दर्द भी हो सकते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, वैसे वैसे यह दर्द कम होने की संभावना भी होती है। प्राइमरी डीसमेनोरिया यह मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द का एक कारण होता है।

२) सेकंडरी डीसमेनोरिया-

डिसमैनरिया की इस अवस्था में दर्द सिर्फ पीरियड के दिनों तक सीमित नहीं रहता; बल्कि पीरियड के पूरी साइकिल के दौरान दर्द होता है, ब्लडिंग होती रहती है और पीरियड ज्यादा दिनों तक होते रहते हैं। डिसमैनरिया की व्यवस्था काफी आम नहीं है। अगर आपके पीरियड्स कम दर्द भरे हो और आपको अचानक से ज्यादा दर्द शुरू हो जाए; तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

पीरियड में दर्द काम करने की टैबलेट की जानकारी-

पीरियड में दर्द कम करने के लिए आप डॉक्टर से सलाह लेकर उचित दवाइयां ले सकते हैं। इससे आपको दर्द भी कम होगा और उसके पीछे के कारण भी समझ में आ सकते हैं; जिससे आगे होने वाले कॉम्प्लिकेशंस को रोका जा सकता है। पीरियड के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर आमतौर पर एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाइयों का सेवन करने की सलाह देते हैं।

१) पेन किलर-

ओवर द काउंटर पेन किलर जैसे; एसिटा मिनोफेन या नेप्रॉक्सन सोडियम आदि दवाइयों का सेवन पीरियड शुरू होने के एक दिन पहले करने से पीरियड के दौरान दर्द को कम किया जा सकता है। पीरियड डेट के एक दिन पहले या दर्द शुरू होने के तुरंत बाद इन दवाइयों का सेवन करने से पेट में हो रहे दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन को रोका जा सकता है। जब तक दर्द ठीक ना हो जाए, तब तक आप इन दवाइयों का सेवन कर सकते हैं।

२) कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स-

कई बार महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को रोकने के लिए डॉक्टर बर्थ कंट्रोल पिल्स जिसे कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स भी कहा जाता है; वह लेने की सलाह देते हैं। कांट्रेसेप्टिव पिल्स में हारमोंस होते हैं; जो ओवुलेशन को रोकते हैं और पीरियड के दौरान होने वाले दर्द को कम किया जाता है। पीरियड के दौरान दर्द होने पर आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार कांट्रेसेप्टिव पिल्स का सेवन कर सकती है।

३) एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स-

महावारी के दौरान होने वाले दर्द का मुख्य कारण प्रोस्टाग्लैंडइन होता है।  नॉनस्टेरॉयडल एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स लेने से शरीर में प्रोस्टाग्लैंडइन के लेवल को नियंत्रित किया जाता है; जिस कारण पीरियड के दौरान दर्द को भी नियंत्रित किया जाता है. पीरियड के दौरान होने वाले दर्द को रोकने के लिए नॉन स्टेरॉयडल एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स एक बेहतर तरीका माना जाता है। ऐसे में, माहवारी शुरू होने से पहले इसकी एक टेबलेट लेने से प्रोस्टाग्लैंडइन के लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है; जिस कारण दर्द में भी राहत मिलती है। लेकिन ध्यान रहे, इस दवाई का सेवन बिना किसी डॉक्टर के सलाह के अनुसार करना वर्जित है।

४) अन्य दवाएं-

फेमोटिडीन, रैनटिदीन, सिमेथिकोन, डोकसेट जैसी अन्य दवाइयों का भी आप सेवन कर सकते हैं। हर महिला को जिंदगी में कभी ना कभी पीरियड के दर्द का सामना करना ही पड़ता है। इसीलिए; अपने आप दवाई लेने से बेहतर है, कि आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार की दवाइयों का सेवन करें।

दोस्तों, पीरियड में होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि, यह किसी गंभीर समस्या का भी संकेत हो सकते हैं। पीरियड में असहनीय दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से मिले और उनकी सलाह लें। किसी भी दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करने से बचें।

तो दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का पीरियड में दर्द कम करने के टैबलेट की जानकारी यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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