एसिडिटी होने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं

 नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज जानेंगे एसिडिटी होने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं, दोस्तों, हमने हमारी जीवन शैली में काफी बदलाव कर दिए हैं। हम मॉडर्न तरीके से अपने जीवन को व्यतीत कर रहे हैं। लेकिन, मॉडर्न पद्धति से जीवन जीने से हम काफी सारे विकारों का शिकार हो रहे हैं। एसिडिटी ऐसे ही आम समस्या होती जा रही हैं। पेट में एसिड ज्यादा हो जाने के कारण हमें एसिडिटी हो जाती हैं। गलत खानपान की आदतें रखने से हमारे पाचन तंत्र पर काफी प्रभाव पड़ता है और एसिडिटी, एसिड रिफ्लक्स जैसे समस्या उत्पन्न हो जाती हैं। भूख से अधिक खाना, कम या बिलकुल ना खाना, असमय खाना, खाने के बाद लेटना, स्मोकिंग, ड्रिंकिंग तथा अधिक मसालेदार खाने का सेवन करना आदि आदतों के कारण हमें एसिडिटी होती हैं।

 एसिडिटी का सीधा संबंध पेट और पाचन तंत्र से जोड़ा गया है। एसिडिटी में उल्टी होना, सीने में जलन होना, भोजन गले तक आना तथा पाचन संबंधित समस्याएं उत्पन्न होना आदि लक्षण देखे जा सकते हैं। एसिडिटी में आहार बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गलत पद्धति का आहार लेने से एसिडिटी की समस्या होने की संभावना अधिक होती है। आपको एसिडिटी हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। उसी के साथ, आहार में भी उचित बदलाव लाने जरूरी होते हैं। दोस्तों, आज जानेंगे एसिडिटी होने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं

एसिडिटी होने पर क्या खाएं

जैसे कि , हमने देखा एसिडिटी का सीधा संपर्क हमारे पेट तथा पाचन तंत्र से होता है। ऐसे में, एसिडिटी होने पर हमें शुद्ध एवं सात्विक आहार लेना चाहिए; जिससे एसिडिटी कम होने में मदद मिलती हैं।

१) छांछ-

कई लोगों को खाना खाने के बाद बटर मिल्क पीने की आदत होती है। छाछ में लैक्टिक एसिड पाया जाता है; जो हमारे पेट में जाकर एक लाइनिंग बना देता है। जिससे पेट में जलन, सीने में जलन, एसिडिटी जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। इसी के साथ, छांछ पेट में एसिड को नार्मल कर देता है; जिससे एसिडिटी नहीं होती है। तीखा, मसालेदार तथा हेवी खाना खाने से अगर आपको पेट में जलन और एसिडिटी हो रहे हो, तो आप रोजाना एक गिलास छाछ खाना खाने के बाद ले सकते हैं। यह एंटासिड की तरह काम करता है।

२) ओट्स-

ओट्स में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है; जो हमारी पेट संबंधित समस्या जैसे एसिडिटी, कब्ज, गैस से राहत दिलाता है। ओट्स का सेवन करने से शरीर को उचित मात्रा में पोषण मिलता है तथा पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। ऐसे में एसिडिटी होने पर अगर आप ओट्स खाते हो, तो आप ओवरईटिंग से बचते हैं और एसिडिटी को कम कर सकते हैं। इसी के साथ, ओट्स में मौजूद फाइबर आपके पाचन तंत्र को रेगुलेट करता है।

३) हरी सब्जिया-

एसिडिटी होने पर आप हरी सब्जियों का सेवन जरूर करें। हरी सब्जियों में फाइबर, मिनरल्स, विटामिन तथा अन्य पोषक तत्व होते हैं। फाइबर होने के कारण यह पचने में काफी आसान होती हैं। अलग अलग तरह के मिनरल्स आपके शरीर के अनेक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं; इससे पाचन तंत्र को भी रेगुलेट होने में मदद मिलती हैं। हरी सब्जियों का सेवन करने से एसिडिटी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आप सब्जियों का सूप, सलाद के रूप में सेवन कर सकते हैं। 

ब्रोकोली, फूलगोभी एसिडिटी को कम करने में अधिक असरदार होती हैं। इन सब्जियों को आप मटर, बीन्स के साथ मिलाकर खाएं। इससे आपको एसिडिटी से जरूर राहत मिलेगी।

४) जड़ वाली सब्जियां-

शकरकंद, गाजर, अरबी जैसी जड़ वाली सब्जियों में क्षारीय गुण पाए जाते हैं; जो एसिडिटी को कम करने में काफी प्रभावी होते हैं। इनमें थोड़ा सा मसाला डालकर आप इनको हल्का पकाएं और इसका अपने आहार में समावेश करें। ध्यान रहे, इन सब्जियों को ज्यादा पकाने से इनके क्षारीय तत्व मर जाते हैं और यह एसिडिटी को कम करने में कम प्रभावी हो जाती हैं। 

५) केला-

एसिडिटी को कम करने के लिए केले का सेवन काफी गुणकारी होता है। केला एक लो-एसिडिक फल है, जो एसिडिटी को कम करता है। रोजाना एक केला खाने से एसिडिटी होने की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती हैं। दरअसल, केला भोजन की नली में एक परत बना देता है; जिससे एसिडिटी की जलन तथा गले तक खाना आने की समस्या कम मात्रा में महसूस होती है। इसी के साथ, केले में फाइबर होता है; जो हमारी पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है।

एसिडिटी होने पर क्या ना खाएं

ऐसे कई पदार्थ होते हैं, जो एसिडिटी को बढ़ावा देते हैं। ऐसे में, उनका सेवन एसिडिटी के दौरान वर्जित माना गया है।

१) मसालेदार पदार्थ-

एसिडिटी के दौरान ज्यादा मसालेदार पदार्थों का सेवन करने से एसिडिटी की समस्या और ज्यादा बढ़ जाती हैं। दरअसल, मसालेदार पदार्थ हाय फैट फूड की तरह ही होते हैं; जो एसिडिटी को बढ़ावा देते हैं। अगर आप एसिडिटी को कम करना चाहते हैं; तो मिर्ची, मसाले, मिर्ची पाउडर आदि मसालेदार चीजों का सेवन बंद करें। मिर्ची की जगह खाने में आप अदरक, दालचीनी तथा समुद्री नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

२) हाई फैट फूड और डेयरी उत्पाद-

तली भुनी चीजें और प्रोसेस फूड फैट्स से भरपुर होते हैं। ऐसे में, एसिडिटी में इनका सेवन करने से एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती हैं। इसी के साथ, डेहरी प्रोडक्ट्स पनीर, मक्खन, चीज आदि में भी फैट्स अधिक मात्रा में होते हैं। इसीलिए, एसिडिटी के दौरान अधिक वसा वाले पदार्थ और डेयरी प्रोडक्ट वर्जित होते हैं।

३) सोडा-

कई बार देखने को मिलता है, कि एसिडिटी होने पर लोग हमें सोडा पीने की सलाह देते हैं। लेकिन, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स सोडा हमारे पेट में गैस की वजह बनते हैं और पेट में गैस जमा हो जाते हैं। इसी कारण, गैस की वजह से निचली भोजन नली में अधिक दबाव पड़ता है; जो पाचन तंत्र के लिए नुकसानदायक होता है। इसीलिए, एसिडिटी होने पर सोडा की बजाय, आप पानी या जूस का सेवन कर सकते हैं।

४) कैफ़ीन युक्त पदार्थ-

भोजन के तुरंत बाद कैफ़ीन युक्त पदार्थ जैसे, कॉफे, चाय का सेवन करने से एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती हैं। इसीलिए, एसिडिटी के दौरान कॉफी या कैफेन युक्त पदार्थों का सेवन ना करें। इसके अलावा; आप ग्रीन टी, लेमन टी आदि पेय का सेवन कर सकते हैं; इससे एसिडिटी कम होने में भी मदद मिलती हैं।

५) एसिड रिच फ्रूट्स-

सेब, संतरा, जामुन, पपीता इन फलों में एसिड की मात्रा अधिक पाई जाती हैं। इसीलिए, इन फलों को खाने से कई लोगों को एसिडिटी की समस्या उत्पन्न हो सकती हैं। वैसे तो, फल स्नैक्स तथा नाश्ते के रूप में सेवन किए जाते हैं। लेकिन, जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या हो; उनमें यह एसिडिटी बढ़ाने का काम करते हैं। इनके बजाय आप अल्कलाइन फलों का सेवन करें; जैसे तरबूज, खरबूजा आदि।

अन्य उपाय-

एसिडिटी की समस्या के लिए खानपान की पद्धति में बदलाव लाने के साथ-साथ आपको आपके जीवन शैली में भी बदलाव लाना जरूरी होता है। एसिडिटी में रात में अधिक देर तक जागना नुकसानदायक हो सकता है। इसी के साथ, अपने आहार को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट लें। मतलब दो बार एक साथ खाने से बेहतर है, कि ४ बार थोड़ा-थोड़ा करके खाया जाए; जिससे हमारे पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है और एसिडिटी कम होने में भी मदद मिलती हैं। सबसे महत्वपूर्ण, एसिडिटी को रोकने के लिए आप धूम्रपान तथा शराब का सेवन बंद करें।

अपने भोजन और सोने की के समय में कम से कम एक से डेढ़ घंटे का अंतर रखें; इससे एसिडिटी की संभावना कम होती हैं। रोजाना वॉक करना, एक्सरसाइज करना, योग तथा प्राणायाम करना आदि अच्छी आदतों को अपने रुटीन में शामिल करें। इस तरह, अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव करके आप एसिडिटी जैसी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

 दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज एसिडिटी होने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

अधिक पढ़ें : नीचे बैठकर खाना खाने के फायदे

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