त्वचा के हिसाब से आपको कौनसा साबुन यूज करना चाहिए

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है त्वचा के हिसाब से आपको कौनसा साबुन यूज करना चाहिए, हर किसी की त्वचा अलग-अलग होती हैं। किसी की ड्राई स्कीन, किसी की नॉर्मल तो किसी की ऑइली त्वचा होती है। इसीलिए, इन त्वचा के टाइप्स के अनुसार उनकी समस्याएं भी अलग-अलग होती है। त्वचा के इन्हीं प्रकारों के अनुसार हमें ब्यूटी प्रोडक्ट का भी इस्तेमाल करना चाहिए। कई लोगों की स्कीन बहुत ही सेंसिटिव होती हैं; कुछ भी लगाने से उन्हें एलर्जी तथा अन्य तकलीफ शुरू हो जाती हैं। इसीलिए, कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले उसकी अच्छे से जांच करनी चाहिए; कि वह हमारे लिए सेफ है या नहीं। 

इसी के साथ, मार्केट में विभिन्न प्रकारों के साबुन मौजूद हैं। टीवी पर भी इन साबुनों के लगातार विज्ञापन आते रहते हैं। इन विज्ञापनों को देखकर हम कभी-कभी अलग-अलग तरह के साबुन का इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन, कुछ नया ट्राई करने के चक्कर में आपकी त्वचा पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। त्वचा के प्रकार के अनुसार साबुन इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधित समस्याओं में काफी गिरावट आती हैं। तो दोस्तों, आज जानेंगे त्वचा के हिसाब से आपको कौनसा साबुन यूज करना चाहिए

त्वचा के प्रकार-

अपने चेहरे पर किसी भी ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले या नहाने के लिए साबुन इस्तेमाल करने से पहले अपनी त्वचा का प्रकार जरूर जान लेना चाहिए। इससे आपको ब्यूटी प्रोडक्ट या साबुन का चुनाव करने में काफी आसानी होती हैं तथा आपकी स्किन संबंधित समस्याएं भी कम हो जाती हैं।

१) नॉर्मल स्किन-

आमतौर पर नॉर्मल स्कीन वाले लोग काफी कम देखने को मिलते हैं। स्किन के इस प्रकार में लोगों की स्कीन ना ही सेंसटिविटी होती हैं, ना उनकी स्किन नॉर्मल होती हैं और न हीं ऑयली होती हैं। 

२) ऑयली स्किन-

स्किन के पोर्स के नीचे एक ग्रंथि पाई जाती है, जिसे “सिबायसेस ग्रंथि” कहते हैं। यह ग्रंथि सिबम नाम के प्राकृतिक तेल का उत्पादन करती हैं; जिससे हमारी त्वचा में नमी और चिकनाई बनी रहती हैं। ऑइली स्किन वाले लोगों में यह सिबम ज्यादा मात्रा में निर्मित होता है और उससे त्वचा ऑइली हो जाती है। इसी वजह से ऑयली स्किन वाले लोगो के पोर्स बंद हो जाते हैं और एक्ने, पिंपल्स जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

३) ड्राई स्किन-

इन स्किन टाइप में ड्राई पैचेस पड़ते हैं और ऐसी त्वचा को नमी और मॉइश्चराइजेशन की अधिक जरूरत होती है। बदलते मौसम के साथ इस स्किन टाइप के लोगों की तकलीफें बढ़ती जाती हैं। ठंड में स्किन चटकने लगती हैं और गर्मी में स्किन में दाने या रैशेज आ जाते हैं। 

४) सेंसेटिव स्किन-

इस प्रकार की त्वचा में किसी भी चीज से सेंसटिविटी हो जाती हैं। जैसे; परफ्यूम की सुगंध, केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स, पॉलिस्टर या अन्य अनकंफरटेबल कपड़ों की वजह से सेंसिटिविटी हो सकती हैं। डॉक्टर्स के लिए ऐसी स्कीन बहुत ही चुनौतीपूर्ण होती हैं।

५) कॉम्बिनेशन स्किन-

भारत देश में ज्यादातर इस स्किन टाइप के लोग मिलते हैं। स्कीन के इस प्रकार में त्वचा ना ऑइली होती है ना ही ड्राई होती है। इस प्रकार में ज्यादातर टी ज़ोन होता है। इस टी ज़ोन में नाक, माथा और ठोड़ी ऑयली होती हैं। गाल और जॉ लाइन के आसपास वाली स्किन ड्राई होती हैं। 

स्किन के हिसाब से इस्तेमाल होनेवाले साबुन

दोस्तों, हमने त्वचा की विभिन्न प्रकार तो देख लिए। अब जानते हैं, स्किन टाइप के अनुसार कौन सा साबुन इस्तेमाल करना चाहिए।

१) सेबामेड क्लींजिंग सोप-

इस साबुन में अमीनो एसिड और विटामिन होते हैं; जो हमारी त्वचा को पोषण प्रदान करते हैं। इस साबुन की यह खासियत है, कि यह सेंसेटिव स्किन के साथ-साथ नॉर्मल तथा ड्राई स्किन के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस साबुन का इस्तेमाल करने से मुहासे, पिंपल्स और ब्लैकहैड काफी हद तक कम हो जाते हैं। हमारी स्कीन से ड्राइनेस कम होकर त्वचा में नमी बनी रहती है।

२) डव गो फ्रेश ऑयल कंट्रोल मॉइश्चराइजिंग सोप-

 यह ब्रांड महिलाओं में काफी प्रसिद्ध है और भरोसेमंद है। डव साबुन में इस्तेमाल किया गया गुलाब जल त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए नमी प्रदान करता है और त्वचा से ड्राइनेस हटाता है। इसी के साथ, इसमें मॉइश्चराइजिंग तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं; जो त्वचा से अतिरिक्त तेल हटाकर त्वचा की कोमलता से सफाई करता है। इस साबुन की यह खासियत है, कि यह लगभग हर स्किन टाइप के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। इसका एक ही अवगुण है, कि यह थोड़ा महंगा होता है और पानी में जल्दी से गल जाता है।

३) मेडिमिक्स १८ हर्बल सोप-

यह साबुन पूरी तरीके से प्राकृतिक रूप से बनाया गया है। इस साबुन को बनाने के लिए लगभग १८ जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। इस साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा के फोड़े, चकत्ते, दाने कम हो जाते हैं। इसी के साथ, गर्मी की वजह से त्वचा पर हुए रेडनेस, रैशेज और पसीने की बदबू भी कम करता हैं। यह साबुन त्वचा से अतिरिक्त तेल हटाकर त्वचा को नमी प्रदान करता है। 

४) हिमालाय हर्बल नीम एंड टर्मरिक सोप-

दोस्तों, हिमालया कंपनी के प्रोडक्ट को कौन नहीं जानता!! कॉस्मेटिक प्रोडक्ट इंडस्ट्री में हिमालया का नाम काफी बड़ा और चर्चित है। इस कंपनी की यह खासियत है, कि इनके प्रोडक्ट पूरी तरीके से प्राकृतिक रूप से निर्माण होते हैं। इसीलिए, यह हमारे लिए काफी सुरक्षित होते हैं। कंपनी का यह दावा है, कि इस साबुन में नीम और हल्दी का तेल है; जो हमारी त्वचा को मुलायम और कोमल बनाने में काफी मददगार साबित होता है। नींम और हल्दी में एंटीफंगल तथा एंटी बैक्टेरियल तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए, इस साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा से एक्स्ट्रा ऑयल खत्म हो जाता है। मुहासे, पिंपल्स, दाने, काले धब्बे इन समस्याओं के लिए भी यह साबुन काफी प्रभावी होता है। यह साबुन केमिकल मुक्त होने के कारण, इस साबुन का इस्तेमाल हर स्किन टाइप के लोगो के लिए सेफ है।

५) बायोटिक बायो ऑरेंज पिल सोप-

यह एक प्राकृतिक सोप है; जिसे बनाने के लिए ऑरेंज जेस्ट, कस्तूरी जड़, अखरोट और नारंगी तेल का इस्तेमाल किया गया है। यह साबुन आपके प्राकृतिक पी एच को बिगाड़े बिना आपकी त्वचा को कोमल तरीके से साफ करता है और उसे नमी प्रदान करता है। यह साबून पूरी तरह से प्राकृतिक होने के कारण किसी भी स्क्रीन टाइप के लोगों के लिए सुरक्षित होता है। सिर्फ ड्राई स्किन और सेंसेटिव स्किन वाले लोगों को इस साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, उनके लिए यह साबुन सेफ नहीं होता है। 

दोस्तों, टीवी पर दिखाए जानेवाले विज्ञापनों को ना भूलकर हमें हमेशा ही सजग रहना चाहिए। किसी भी प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जानकारी हासिल करनी चाहिए और उसके बाद ही अपने शरीर पर उसे लगाना चाहिए।

उम्मीद है, दोस्तों आपको आज का त्वचा के हिसाब से आपको कौनसा साबुन यूज करना चाहिए,यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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