पीरियड्स में दूध पीना चाहिए या नहीं

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है पीरियड्स में दूध पीना चाहिए या नहीं,हम सभी जानते हैं, मासिक धर्म महिलाओं के शरीर में हर महीने एक निश्चित अंतराल के बाद होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। हमारे भारत देश में आज भी कई इलाकों में मासिक धर्म के दौरान कई सारे मिथकों का समर्थन किया जाता है। आजादी के ७५ वर्ष के बाद भी हम उन्हीं घिसे पिटे रिवाजों में अटके हुए हैं;जिसकी वजह से महिलाओं को काफी दिक्कत होती है। भारत के ग्रामीण इलाकों में आज भी मासिक धर्म के बारे में चर्चा करने से लोग कतराते हैं। कई बार मासिक धर्म को अशुभ माना जाता है, जो कि गलत है। मासिक धर्म से जुड़ी हर एक बात के पीछे साइंस छुपा होता है। 

इन्हीं मिथकों की वजह से महिलाओं को माहवारी के दौरान शारीरिक पीड़ा का सामना करने के साथ-साथ, समाज के रूढ़िवादी परंपराओं का भी सामना करना पड़ता है। इन्हीं मिथकों में से एक है, कि मासिक धर्म के दौरान दूध पीना नहीं चाहिए। कुछ लोगों के मुताबिक, मासिक धर्म के दौरान दूध पीने से हमारे पाचन तंत्र में गड़बड़ी आ जाती हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग मासिक धर्म के दौरान दूध पीने का समर्थन करते हैं। आपको बता दें, जैसे सामान्य तौर पर दूध पीने से हमें कई सारे शारीरिक स्वास्थ्य के लाभ मिलते हैं; उसी तरह मासिक धर्म के दौरान भी दूध पीने से महिलाओं को लाभ मिलते हैं। तो दोस्तों, आज जानेंगे पीरियड्स में दूध पीना चाहिए या नहीं। 

पीरियड्स के दौरान दूध पीना चाहिए या नहीं

दोस्तों, हम सभी जानते हैं; महावारी के दौरान सभी औरतों को कमजोरी महसूस होती ही है। महावारी के दौरान कई सारी शारीरिक पीड़ा जैसे; कमर दर्द, मांसपेशियों की ऐंठन, थकान, पेट दर्द से भी महिलाएं सामना करती हैं। वहीं दूसरी ओर, लेक्टोज की कमी की वजह से भी महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान दर्द और पीड़ा का अनुभव होता है। इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए महिलाओं के रोजमर्रा की जिंदगी में प्रोटीन और कैल्शियम युक्त आहार का समावेश होना आवश्यक होता है।

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के आहार में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन जैसे पोषक तत्वों का समावेश हो; तो उन्हें दर्द, थकान, कमजोरी और पीड़ा का एहसास नहीं होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, मासिक धर्म के दौरान महिलाएं सीमित मात्रा में दूध का सेवन अवश्य कर सकती हैं। दूध का सेवन करने से उन्हें कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स जैसे पोषक तत्व उचित मात्रा में मिलते हैं; जिस कारण मासिक धर्म के दौरान कमजोरी, थकान दर्द एवं मांसपेशियों की ऐंठन से राहत मिल पाती है।

 सादा दूध पीने से बेहतर है, आप बादाम वाला दूध या हल्दी वाला दूध का सेवन करें। हल्दी हीलिंग एजेंट की तरह काम करती है; जो मांसपेशियों की ऐंठन और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाती हैं। वहीं दूसरी ओर बादाम, काजू मिलाकर दूध का सेवन करने से इम्यूनिटी बढ़ने में मदद मिलती है; जिस कारण हमारा शरीर मजबूत होता है।

वहीं दूसरी ओर, अगर महिलाएं मासिक धर्म के दौरान अधिक मात्रा में दूध का सेवन करते हैं; तो उनके शरीर में arachidonic acid की मात्रा बढ़ जाती है, जो पीरियड्स के दौरान दर्द को बढ़ा सकता है। इसीलिए, जितना हो सके उतना कम मात्रा में दूध का सेवन करने से दूध से मिलने वाले फायदों का लाभ उठाया जा सकता है। मासिक धर्म के दौरान होने वाली तकलीफों को टालने के लिए सीमित मात्रा में दूध का सेवन किया जा सकता है।

ध्यान रहे, पीरियड्स के दौरान दूध का सेवन करने से अगर आपको पेट संबंधित समस्याएं जैसे; एसिडिटी,कब्ज, पेट दर्द का अनुभव हो रहा हो; तो दूध लेना तुरंत बंद कर दें। ऐसी स्थिति में मासिक धर्म के दौरान दूध तथा दूध से बने अन्य चीजें खाने से बचें। कैल्शियम तथा प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए अन्य कई पदार्थ उपलब्ध होते हैं, उनका सेवन अवश्य करें; ताकि माहवारी के दौरान होने वाले दर्द से आपको राहत मिल सके।

मासिक धर्म के दौरान दूध पीने से होने वाले फायदे

मासिक धर्म के दौरान शारीरिक पीड़ा सहने वाली महिलाओं में सीमित मात्रा में दूध पीने से कई फायदे देखने को मिलते हैं।

१) मजबूत मांसपेशियों के लिए-

जैसा कि हम सभी जानते हैं; मासिक धर्म के दौरान एक महिला कई सारी शारीरिक पीड़ा से गुजरती हैं। उस में मांसपेशियों की ऐंठन, कमर दर्द, जोड़ों के दर्द आदि तकलीफों का समावेश होता है। मासिक धर्म के दौरान सीमित मात्रा में दूध पीने से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और हड्डियां भी मजबूत होने में मदद मिलती है। दूध में कैल्शियम तथा प्रोटीन की उचित मात्रा पाए जाते है; जो महिलाओं को उचित मात्रा में पोषण दिलाता है। इसी कारण, मासिक धर्म के दौरान सीमित मात्रा में दूध का जरूर पीना चाहिए।

२) पेट की समस्या-

कई महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेट संबंधित समस्याएं जैसे; ब्लोटिंग, अपच, एसिडिटी का सामना करना पड़ता है। हम सभी जानते हैं, कि दूध में एंटासिड के तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए, मासिक धर्म के दौरान दूध का सीमित मात्रा में सेवन करने से एसिडिटी तथा ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिलती हैं। इसी के साथ, महावारी के दौरान होने वाले पेट दर्द, कमर दर्द, मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने के लिए आप हल्दी वाला दूध पी सकते हैं; इससे आपको जरूर राहत मिलेगी।

३) कमजोरी दूर होती है-

दूध में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, गुड़ फैट्स, कैल्शियम, विटामिंस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। यह सभी पोषक तत्व शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। महावारी के दौरान कमजोरी, थकावट महसूस होना एक आम बात होती हैं। ऐसे में, महावारी के दौरान सीमित मात्रा में दूध का सेवन करने से थकान एवं कमजोरी महसूस नहीं होगी।

तो दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का पीरियड्स में दूध पीना चाहिए या नहीं यह ब्लॉग अच्छा लगा हो और काफी इंफॉर्मेशन दे गया हो। धन्यवाद।

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