ओमेगा ३ कैप्सूल के फायदे, नुकसान और खाने का तरीका

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है ओमेगा ३ कैप्सूल के फायदे, दोस्तों, सेहत भरी जिंदगी जीने के लिए हम क्या नहीं करते हैं! एक्सरसाइज, योग तथा प्राणायाम का हम सहारा लेते हैं। इसी के साथ, हम संतुलित आहार का समावेश करते हैं। कभी-कभी यह चीजें कम पड़ जाती है, इसलिए हम सप्लीमेंट के रूप में कुछ ना कुछ लेते रहते हैं। जैसे; प्रोटीन पाउडर, एलोवेरा जूस, गिलोय का जूस यह सारे सप्लीमेंट्स भी शरीर को तंदुरुस्ती प्रदान करते हैं। ओमेगा ३ एक ऐसा फैटी एसिड है, जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयुक्त होता है। ओमेगा३ फैटी एसिड शरीर बना नहीं पाता है।

इसीलिए, इसे अपने आहार में शामिल करने की जरूरत होती है। ओमेगा ३ फैटी एसिड पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स है, जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयुक्त होता है। मां के गर्भ में बच्चे के दिमाग के निर्माण में ओमेगा ३ अहम भूमिका निभाता है। तो दोस्तों आज जानेंगे ओमेगा ३ कैप्सूल के फायदे, नुकसान और खाने के तरीके के बारे में।

ओमेगा ३ कैप्सूल के फायदे

ओमेगा ३ फैटी एसिड का उचित मात्रा में सेवन शरीर को काफी सारे लाभ देता है।

१) आंखो के लिए-

मैक्यूलर डिजेनरेशन आंखों से संबंधित एक समस्या है, जिसमें आपको बहुत ही धुंधला दिखाई देता है या दिखाई देना कम हो जाता है। इस समस्या के लिए ओमेगा ३ कैप्सूल काफी फायदेमंद होता है। डीएचए ओमेगा ३ ही होता है, जो आंखें और मस्तिष्क की सेहत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रोल निभाता है। जब आप पर्याप्त मात्रा में ओमेगा ३ कैप्सूल का सेवन करते हैं, तो आंखों से संबंधित समस्याओं से आप दूर रह सकते हैं।

२) गर्भावस्था-

गर्भवती महिलाओं को ओमेगा ३ का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि, ओमेगा ३ बच्चे के मस्तिष्क के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी के साथ, गर्भावस्था के दौरान ओमेगा थ्री का सेवन करने से सेरेब्रल पाल्सी की जोखिम कम होती है। पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड मस्तिष्क में ४०% और डी एच ए का रेटीना में ६०% हिस्सा होता है।  इसीलिए, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को ओमेगा ३ कैप्सूल का सेवन अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूर करना चाहिए।

३) मानसिक अवसाद-

आजकल तनावपूर्ण जीवन पद्धति की वजह से हर कोई चिंता से ग्रसित होता है। मानसिक रोगों का आम प्रकार है, अवसाद। इसकी वजह से आपके जीवन में सुस्ती बनी रहती है और आपको उदासी महसूस होती है। मानसिक अवसाद से छुटकारा पाने के लिए ओमेगा थ्री का सेवन जरूरी होता है। अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है, कि ओमेगा ३ का सेवन करने से अवसाद तथा चिंता की संभावना काफी हद तक कम हो जाती हैं।

४) ऑटो इम्यून डिजीज-

अध्ययन के अनुसार, जन्म के बाद पहले साल में ओमेगा थ्री का सेवन करने से ऑटो इम्यून डिसीज का खतरा काफी हद तक कम हो जाता हैं। ओमेगा ३ अल्सरेटिव कोलाइटिस, सोराइसिस, आर्थराइटिस के इलाज में मदद करता है। ऑटोइम्यून डिजीज में इम्यून सिस्टम के स्वस्थ कोशिकाओं को खराब समझकर उन्हें नष्ट करती हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए ओमेगा थ्री का सेवन करना चाहिए।

५) हृदय रोग-

हार्ट अटैक और स्ट्रोक दुनिया भर में मौत का प्रमुख कारण माना जाता है। शोध के अनुसार, मछली खाने वाले लोगों को हृदय संबंधित समस्याएं कम देखने को मिलती हैं। इसका कारण यह है, कि मछली में ओमेगा थ्री फैटी एसिड होता है; जो ह्रदय संबंधित समस्याओं से हमें दूर रखता है। ओमेगा थ्री के सेवन से रक्तचाप नियंत्रित रहता है और ट्राई ग्लिसराइड को कम करता है। ओमेगा थ्री एचडीएल जो एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल होता है, उसका स्तर बढ़ाने में मदद करता है।

६) अल्जाइमर-

बढ़ती उम्र के साथ दिमाग की कार्यप्रणाली पर काफी असर पड़ता है। अध्ययन के अनुसार, ओमेगा थ्री का सेवन करने से याददाश्त का कमजोर होना और अल्जाइमर जैसी विकारों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

७) अस्थमा-

अस्थमा जैसी बीमारियों के लिए भी ओमेगा थ्री का सेवन काफी गुणकारी माना गया है। अध्ययन के अनुसार, बच्चों में अस्थमा के लक्षणों के ऊपर ओमेगा थ्री काफी अच्छे से काम करता है। ओमेगा थ्री में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अस्थमा के लक्षणों को काफी हद तक कम करते हैं। अस्थमा के लिए ओमेगा थ्री कितना गुणकारी है, इसके ऊपर अभी भी शोध चल रहे हैं।

८) त्वचा-

त्वचा संबंधित समस्याएं जैसे; झुर्रियां, झाइयां, फाइन लाइंस, पिंपल्स, मुहासे आदि समस्याओं के लिए ओमेगा ३ बहुत ही गुणकारी होता है। ओमेगा थ्री त्वचा को नमी और कोमलता प्रदान करता है। इसी के साथ, त्वचा संबंधित रोगों के लिए भी ओमेगा थ्री बहुत ही असरदार होता है।

ओमेगा थ्री कैप्सूल के नुकसान-

ओमेगा थ्री कैप्सूल के निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं।

१)सुखी खांसी आना और निगलने में कठिनाई महसूस होना।

२) सांस लेने में दिक्कत होना और चक्कर आना।

३) अनियमित दिल की धड़कन, सिरदर्द होना।

४) माहवारी के दौरान अतिरिक्त प्रवाह होना।

५) मसूड़ों से खून आना।

६) पेट में गैस, दर्द और जलन होना।

७) सीने में जकड़न महसूस होना और थकान, कमजोरी होना।

८) मुंह का स्वाद असामान्य होना और बार बार डकार आना।

९) आंखे, चेहरा, जीभ और होंठो के आसपास सूजन आना।

ओमेगा थ्री कैप्सूल खाने का तरीका

ओमेगा थ्री कैप्सूल खाने का सही तरीका पता होगा, तो इसके सही तरीके से शरीर को लाभ मिलते हैं।

१) ओमेगा थ्रीकैप्सूल का सेवन दिन में एक बार ही करना चाहिए; लेकिन रोजाना तौर पर करना चाहिए।

२) कुछ लोग ओमेगा थ्री कैप्सूल रात को खाना पसंद करते हैं, तो कुछ सुबह खाते हैं।

३) ओमेगा थ्री कैप्सूल को फोड़ने की जरूरत नहीं होती है। इसे पूरा का पूरा ही खाना चाहिए।

४) मछली ओमेगा थ्री का सबसे अच्छा स्त्रोत है। इसी के साथ, अंडे में भी ओमेगा थ्री पाया जाता है।

५) शाकाहारी भोजन में मेथी के बीज, सोयाबीन तेल, अलसी के बीज, लाल राजमा, काला चना, अखरोट, पालक, दही, दूध, जूस, कैनोला ऑइल आदि ओमेगा थ्री के स्रोत हैं।

 दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज ओमेगा ३ कैप्सूल के फायदे का यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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