नीम का तेल और कपूर के फायदे

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है नीम का तेल और कपूर के फायदे ,हमारे भारत देश का आयुर्वेद शास्त्र में संशोधन पूरे ही विश्व के लिए मार्गदर्शक साबित हुआ है। आयुर्वेद उपचार पद्धति को विदेशों में भी अपना रहे हैं। आयुर्वेद में ऐसे कई जड़ी बूटियां हैं, जिनका उपयोग असाध्य विकारों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो रहा है। नीम, तुलसी, हरदा, बेहड़, एलोवेरा, गिलोय आदि ऐसी बहुत सारी जड़ी बूटियां इसमें शामिल होती हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति एक सुरक्षित, आसान और बिना कोई साइड इफेक्ट वाली पद्धति है। नीम उन चुनिंदा पेड़ों में गीना जाता है, जिसका हर एक अंग आयुर्वेदिक उपचार पद्धति के अनुसार बहुत ही उपयुक्त होता है। नीम के पत्ते, निंबोरिया, छाल और जड़े औषधीय गुणों से भरपूर होती है।

पुराने जमाने में लोग दातों का दर्द, त्वचा की समस्याएं, पेट संबंधी समस्याएं आदि के लिए नीम का औषधीय रूप में इस्तेमाल करते थे। आज भी कई आयुर्वेदिक दवाइयां ऐसे हैं, जिन्हें नीम के बिना बनाया ही नहीं जा सकता! पूजा पाठ में इस्तेमाल होने वाला कपूर औषधीय गुणों से भरपूर होता है। कपूर के पेड़ की छाल से कपूर को प्राप्त किया जाता है। कपूर का पेड़ सदाबहार होता है और यह काफी तेजी से विकसित होता है। ज्यादातर लोग कपूर के औषधीय गुणों के बारे में नहीं जानते; उनको बस इतना ही पता है कि कपूर पूजा पाठ में इस्तेमाल किया जाता है। इसीलिए, हम आज चर्चा करने वाले हैं कपूर के स्वास्थ्य संबंधित फायदों के बारे में। तो दोस्तों, आज जानेंगे नीम का तेल और कपूर के स्वास्थ्य संबंधित फायदे।

नीम के तेल के फायदे

नीम बहुत सारे औषधीय गुणों का खजाना है। नीम में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी फंगल, एंटी बैक्टेरियल, एंटी एलर्जी के तत्व पाए जाते हैं। इन सब तत्वों का हमारे शरीर पर अच्छा प्रभाव होता है।

१) एंटीसेप्टिक-

अन्य तत्वों के साथ साथ नीम में एंटीसेप्टिक तत्व भी पाए जाते हैं। इसीलिए, नीम के तेल का इस्तेमाल कई सारे एंटीसेप्टिक प्रोडक्ट जैसे; दवाइयां तथा कॉस्मेटिक्स का निर्माण करने के लिए किया जाता है।

२) दांतो का दर्द-

पुराने जमाने से बुजुर्ग लोग नीम का उपयोग दातुन की तरह करते आ रहे हैं। इसीलिए, बुजुर्ग लोगों के दांत आज तक सलामत होते हैं और उन्हें दांतो से संबंधित कोई परेशानी नहीं होती हैं। नीम के तेल में एंटी बैक्टेरियल तत्व पाए जाते हैं; जिसका इस्तेमाल करने से दांतो की समस्याओं से हमें छुटकारा मिल सकता है। दांत में दर्द, दांत में कीड़ा लगना, मसूड़ों में सूजन, मुंह से आने वाली दुर्गंध इन सब समस्याओं से नीम का तेल इस्तेमाल करने से हमको फायदे मिलते हैं।

३) त्वचा संबंधित विकार-

त्वचा की समस्याओं के लिए नीम काफी प्रभावी होता है। रूखी, सूखी त्वचा को नमी प्रदान करने के लिए नीम का तेल बहुत उपयोगी होता है। बादाम या नारियल के तेल में नीम के तेल की कुछ बूंदे मिलाएं। इस मिश्रण से त्वचा पर हल्के हाथों से मालिश करें। हफ्ते में कम से कम २ बार इसका प्रयोग करें। इससे आपको ड्राई स्किन से काफी राहत मिलती है।

एग्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा की बीमारियों के लिए भी नीम का तेल का ही उपयुक्त होता है। नीम के तेल में अमीनो एसिड, फैटी एसिड और विटामिन ई के तत्व पाए जाते हैं; जो हमारी त्वचा को पोषित करते हैं। इसी कारण, यह त्वचा संबंधित बीमारियों में असरदार होता है। जैतून के तेल में नीम के तेल की ७-८ बूंदे मिलाएं। कॉटन बड की मदद से प्रभावित क्षेत्र पर इस मिश्रण को लगाकर छोड़ दें।  समस्या जब तक ठीक नहीं होती, तब तक इस उपाय को दोहराते रहे।

४) मलेरिया-

अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है, कि नीम के तेल का इस्तेमाल करने से आप मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से दूर रह सकते हैं। मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से बचने के लिए आप नीम के तेल का त्वचा पर सीधा इस्तेमाल कर सकते हैं या रूम डिफ्यूजर के रूप में इस्तेमाल करें। बाजारों में मिलने वाले कीटनाशकों के निर्माण में नीम का अर्क इस्तेमाल करते हैं।

५) एंटी एजिंग-

नीम के तेल में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं; इसलिए बढ़ती उम्र का प्रभाव कम करने के लिए नीम का तेल काफी उपयुक्त होता है। एजिंग के लक्षण जैसे; झुर्रियां, फाइन लाइंस को कम करने के लिए नीम के तेल का प्रयोग करें।

कपूर के फायदे

पूजा पाठ के दौरान इस्तेमाल होने वाले कपूर  मेंऔषधीय गुण भी पाए जाते हैं; यह बहुत कम लोग जानते हैं। तो आइए दोस्तों, कपूर के औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं।

१) जोड़ों का दर्द-

जोड़ों का दर्द होने पर आपके मांसपेशियों में ऐंठन आ जाती है, उठने-बैठने, चलने-फिरने में तकलीफ होती है और जोड़ों पर सूजन आ जाती है। इस वजह से आपको जोड़ों में काफी जकड़न महसूस होती है। इन लक्षणों को कम करने के लिए आप कपूर का इस्तेमाल कर सकते हैं। तिल का तेल गर्म कर उसमे कपूर को मिक्स करें। इस मिश्रण को जोड़ो पर लगाने से आपको काफी राहत मिलती हैं। इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होती है और उसमें हो रहा दर्द कम होने में मदद मिलती है। इसी के साथ, कपूर जोड़ों पर आई सूजन और जोड़ों में हो रहा दर्द कम करने में असरदार होता है।

२) सर्दी खांसी-

कपूर सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी आम तकलीफों के लिए भी काफी असरदार साबित होता है। कपूर में डिकंजेस्टेंट तत्व मौजूद होते हैं। इसी कारण, कपूर का इस्तेमाल नाक तथा श्वसन मार्ग से संबंधित कई कमर्शियल प्रोडक्ट्स के निर्माण में किया जाता है।

३) त्वचा विकार-

त्वचा संबंधित विकार जैसे; पिंपल्स, मुहासे के लिए कपूर का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। ऐसे लोगों के लिए एक कप नारियल तेल में कपूर की २ टिक्की मिलाकर उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। कपूर में एंटीमाइक्रोबीयल तत्व पाए जाते हैं। जिन लोगों की स्कीन ऑयली होती है, ऐसे लोगों के लिए कपूर उपयुक्त होता है। इसी के साथ, त्वचा पर जलने, कटने पर भी कपूर का इस्तेमाल किया जाता है। कपूर का इस्तेमाल करने से त्वचा पर हुआ घाव ठीक हो जाता है और उसमें कोई संक्रमण नहीं होता है।

४) बालों की मजबूती-

झड़ते बालों को रोकना, डैंड्रफ की समस्या तथा बालों को मजबूती प्रदान करने के लिए कपूर का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए नारियल के तेल में कपूर को मिलाकर सिर का हल्के हाथों से मसाज करें। इसका प्रयोग करने से आपका डैंड्रफ कम हो जाता है और बालों में मजबूती आती है।

कपूर से संबंधित सावधानियां

कपूर का इस्तेमाल करने से पहले उससे जुड़ी कुछ सावधानियां आपको जरूर विचार में लानी चाहिए। कपूर का इस्तेमाल करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  • कपूर का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा पर पैच टेस्ट जरूर करें। क्योंकि, बहुत सारे लोग कपूर के प्रति सेंसिटिव होते हैं।
  • कपूर के तेल को सीधा त्वचा पर ना लगाएं; यह हानिकारक हो सकता है।
  • छोटी उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कपूर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • कपूर का सीधे मुंह से सेवन नहीं करना चाहिए।

दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का नीम का तेल और कपूर के फायदे,यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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