किचन का वास्तु दोष दूर करने के उपाय

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज हम चर्चा करने वाले हैं किचन का वास्तु दोष दूर करने के उपाय के बारे में। जब भी हम नया घर लेते हैं, तब घर के सारे सदस्य नए घर के लिए बहुत ही उत्साहित होते हैं। नए घर के इंटीरियर डिजाइन, पर्दे, रंग इन सबके बारे में खूब चर्चा करते हैं। लेकिन, एक गृहिणी जो होती है वह किचन के बारे में अधिक उत्साहित होती हैं। वह अपने नए घर को लेकर बहुत सारे सपने बुनती है। लेकिन, किचन उसकी सबसे पसंदीदा जगह होती हैं। गृहिणी आधे से ज्यादा टाइम किचन में बिताती हैं। किचन में अपने परिवार वालों के लिए बहुत ही प्यार से खाना बनाती हैं। इसलिए, उसे उसका किचन और उसमे रहनेवाली वस्तुएं बहुत ही परफेक्ट चाहिए होती है। भारतीय शास्त्र के अनुसार, किचन में देवी अन्नपूर्णा का वास होता है। रसोईघर पूरे ही घर का सबसे अहम हिस्सा होता है।

भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र को अनन्य साधारण महत्व दिया गया है। आज भी देश के बहुत सारे लोग नया घर या नया दुकान लेते समय वास्तु शास्त्र के अनुसार ही लेते हैं। ऐसा माना जाता है कि,  वास्तु शास्त्र के अनुसार घर लेने से कलह, क्लेश, दरिद्रता एवं अशांति नहीं होती है। ऐसे घर में हमेशा ही सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती रहती हैं। लेकिन, कई बार बड़े शहरों में जगह कम होने के कारण वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन नहीं हो पाता। इससे घर में कुछ अनचाही परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। जैसे; दरिद्रता, अशांति, क्लेश आदि। इसीलिए, वास्तु शास्त्र का दोष निवारण करने के लिए भी बहुत सारे उपाय मिल जाते हैं। इन्हीं बातो को ध्यान में रखते हुए, भारत में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं; जो वास्तु शास्त्र के अनुसार ही किचन की रचना करते हैं।

किचन में चूल्हा किस दिशा में होना चाहिए-

किचन की रचना करते समय इस बात का ध्यान रखें, कि किचन का प्लेटफार्म पूर्व और दक्षिण दिशा में होना चाहिए। चूल्हा आग्नेय दिशा में हो और सिंक उत्तर दिशा में होना चाहिए। याद रखें, सिंक और चूल्हा एक ही प्लेटफार्म पर ना हो। इसी के साथ, चूल्हा रखने के स्थान के ऊपर किसी भी तरह का शेल्फ ना हो और ना ही खिड़की हो। यानि, चूल्हा खिड़की के नीचे नहीं होना चाहिए।

किचन का प्लेटफार्म बनाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। जैसे कि; किचन के प्लेटफार्म का कलर कभी भी काला नहीं होना चाहिए। लाल, मेहरून, हरा, सफेद, गुलाबी इस कलर का प्लेटफार्म रखें। किचन में अगर आप दीवारों पर फर्श लगा रहे हो, तो उसका कलर भी काला नहीं होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, काले रंग से नकारात्मक उर्जा फैलती हैं। इसी के साथ, रात का भोजन होने के बाद पूरे ही किचन प्लेटफार्म और चूल्हे को अच्छे से साफ करें और उसके ऊपर चाकू, कैंची जैसी नुकीली चीजें ना रखें।

कौनसी दिशा में खाना बनाना चाहिए-

खाना बनाने के लिए पूर्व दिशा ही सर्वोत्तम दिशा होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपका मुंह खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर होता है; तो यह सबसे शुभ माना जाता है। पूर्व दिशा से सूर्य उदय होता है और सूर्य उदय होने के बाद में सारी सृष्टि में पॉजिटिव एनर्जी फैल जाती है। इसी तत्व के अनुसार, जब हम पूर्व दिशा की ओर मुख करके खाना बनाते हैं; तो उस खाने में भी सूर्य की शक्ति मिल जाती है।

पूर्व दिशा की और खाना बनाने से खाने में भी सकारात्मक ऊर्जा रहती हैं। ऐसा खाना खाने से घरवालों के अंदर भी सकारात्मक ऊर्जा भर जाती हैं। अच्छा खाना खाने से घर के सारे लोगों की तबीयत भी अच्छी रहती हैं, वह अपने अपने कार्यों में मग्न रहते हैं और घर में कलेश, झगड़े नहीं होते हैं।

क्या किचन में मंदिर बना सकते हैं-

आमतौर पर, हमारी रोजाना जिंदगी में यह प्रश्न हमें सताता रहता है। कई बार बड़े शहरों में जगह की कमी होने की वजह से लोग किचन में ही भगवानजी का मंदिर रख देते हैं। लेकिन, वास्तु शास्त्र के अनुसार यह गलत है। किचन में भगवान का मंदिर नहीं होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के आधार पर इसे गलत माना गया है। जिस घर में किचन में मंदिर होता है, वहां हमेशा ही तनावपूर्ण वातावरण और क्लेश रहता है।

रसोई घर में चाहे हम कितनी भी सफाई कर ले, लेकिन कभी कभी झूठे बर्तन जमा हो ही जाते हैं। यह नकारात्मकता का प्रतीक दर्शाता है। अगर पूजा के स्थान के पास जूठे बर्तन जमा हो जाए, तो उससे पूजा का फल प्राप्त नहीं होता है और माता लक्ष्मी भी रूष्ट हो जाती हैं। इसीलिए, रसोई घर में पूजा का स्थान यानि मंदिर नहीं बनाना चाहिए।

किचन में किस भगवान का फोटो लगाएं-

रसोईघर पूरे ही घर की आत्मा होता है। किचन में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। इसीलिए, रसोईघर में देवी अन्नपूर्णा का चित्र अवश्य लगना चाहिए। इसी के साथ, हर रोज बननेवाले भोजन को मां अन्नपूर्णा को सबसे पहले चढ़ाए और उसके बाद प्रसाद के रूप में सारे घरवाले इसका ग्रहण करें। ऐसा करने से परिवार वालों की तबीयत हमेशा ठीक रहती है। रसोईघर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए आप उत्तर पूर्व दिशा में सिंदूरी गणेशजी का चित्र लगाएं।

किचन का वास्तु दोष दूर करने के उपाय

रसोईघर के वास्तु दोष दूर करने के लिए कई उपाय होते हैं।

१) यदि आपकी रसोई आग्नेय दिशा में ना होकर किसी ओर दिशा में है, तो किचन के आग्नेय कोण में लाल रंग का बल्ब लगाएं। इससे वास्तु दोष दूर हो जाते हैं।

२) चूल्हा कभी भी मुख्य द्वार से दिखना नहीं चाहिए। अगर ऐसा है, तो आप पर्दा लगा सकते हैं।

३) रसोई घर में एग्जॉस्ट पंखा और खिड़कियां पूर्व या उत्तर दिशा में होने चाहिए।

४) घर के वास्तु दोष का निवारण करने के लिए भोजन बनाने के बाद सबसे पहला भोग गाय को और भगवान को अर्पण करना चाहिए। इससे वास्तु दोष दूर होने में काफी मदद मिलती हैं।

५) वास्तु दोष के अनुसार, रसोई घर में बिना नहाए प्रवेश करना अशुभ माना जाता है।

६) रसोई घर में कभी भी जूते, चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है।

७) रसोईघर हमेशा ही साफ-सुथरी और व्यवस्थित होनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्वच्छ रसोई घर में खुशहाली लाती है। इसी के साथ, अगर आपकी रसोई घर में हमेशा ही गंदगी होती है या अस्त व्यस्त होती हैं, तो ऐसे में घर की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

८) भोजन करते समय हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। अगर भोजन करने की व्यवस्था रसोई घर में ही है, तो ऐसे में किचन की पश्चिम दिशा की ओर उसकी व्यवस्था करनी चाहिए।

९) अपने घर में भोजन बनानेवाली महिलाएं कभी भी रसोई घर में खाना ना खाए। इससे दरिद्रता फैलती है।

१०) किसी कारणवश आपके रसोईघर की रचना आग्नेय दिशा में ना होकर किसी और दिशा में हो, तो ऐसे में रसोईघर के दक्षिण दिशा की दीवार पर आप यज्ञ करते हुए ऋषियों का चित्र लगाएं। ऐसा करने से रसोई घर का वास्तु दोष दूर हो जाता है और कोई समस्या नहीं होती है।

दोस्तों, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर और रसोई घर की रचना करने से हम कई सारी परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं। इसका एक बार जरूर अनुभव ले कर देखें।

उम्मीद है, आपको आज का किचन का वास्तु दोष दूर करने के उपाय यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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