बुखार के लिए आसान घरेलू नुस्खे

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है बुखार के लिए आसान घरेलू नुस्खे,आजकल मौसम हर दिन बदला हुआ नजर आता है। कभी बारिश, तो कभी धूप गर्मी का एहसास होता है। ऐसे में मौसम के बदलाव के साथ वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है और उसी के साथ हमें सर्दी, खासी, जुकाम तथा बुखार जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर, हमारे शरीर का तापमान ३७ डिग्री माना गया है। यह तापमान सामान्य से अधिक होने पर बुखार कहलाता है। हालांकि, शरीर का ३७ डिग्री तापमान यूनिवर्सेली मान्य नहीं किया गया है  क्योंकि; वयस्कों में शरीर का तापमान अलग होता है और बच्चों में यह तापमान अलग होता है। इसी के साथ, भिन्न भिन्न व्यक्तियों के शरीर का तापमान भी विभिन्न हो सकता है। शरीर का तापमान हम जिस जगह रह रहे हैं, उस पर भी निर्भर होता है।

बुखार आने पर सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, बदन दर्द, पसीना आना, ठंडी लगना जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं। आमतौर पर, किसी संक्रमण का खतरा होने पर ही हमें बुखार आता है। वहीं दूसरी ओर, बुखार आना हमारी इम्यूनिटी को दूसरे संक्रमण से लड़ने के लिए बेहतर बनाने का लक्षण भी माना जाता है। जब भी बुखार आता है, हम क्रोसिन या कोई भी टेबलेट ले लेते हैं और कुछ वक्त के लिए हम ठीक हो सकते हैं। लेकिन, कई बार हमें डॉक्टर के पास जाने की जरूरत भी पड़ती है और डॉक्टर के पास जरूर जाना चाहिए। लेकिन, डॉक्टर की दवाइयों के साथ-साथ बुखार को कम करने के लिए आप कुछ अन्य घरेलू नुस्खे भी आजमा सकते हैं। तो दोस्तों, आज जानेंगे बुखार के लिए आसान घरेलू नुस्खे

बुखार के लिए आसान घरेलू नुस्खे

बुखार के लक्षण जैसे एक सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना आदि को कम करने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे आत्मा सकते हैं; जिससे बुखार को भी कम किया जा सकता है।

१) ठंडे पानी की पट्टियां-

यह उपाय बुखार को काम करने के लिए सबसे ज्यादा जाना माना, आसान और भरोसेमंद है। इसके लिए आपको कॉटन का कपड़ा लेकर नल के ठंडे पानी में भिगोना है और निचोड़ कर अपनी गर्दन, पैर, हथेलियां और माथे पर रखना है। नियमित रूप से थोड़ी देर में इन पट्टियों को बदलना है। ध्यान रखें, फ्रिज का या ज्यादा ठंडा पानी ना यूज़ करें। ठंडे पानी की पट्टी रखने के लिए नल का पानी ही उचित होता है या आप मटके का पानी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस प्रयोग से आपका बुखार कम होने में मदद मिलेगी।

२) चंदन-

चंदन ठंडी तासीर वाला होता है। इसीलिए, चंदन के पाउडर का इस्तेमाल करके आप बुखार को कम कर सकते हैं। चंदन का पाउडर ले और उसमें थोड़ा पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को अपने माथे पर लगाएं। जब तक आपको थोड़ी राहत ना मिल जाए; तब तक इस उपाय को दोहराते रहिए। आप इसका प्रयोग दिन में तीन से चार बार कर सकते हैं; इससे आपका बुखार, सिर दर्द कम होने में मदद मिलेगी। चंदन शरीर को और मन को शांति और शीतलता प्रदान करता है।

३) तुलसी-

तुलसी में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं; जो बुखार में कमजोर इम्यूनिटी को दूर करते हैं। इम्यूनिटी बढ़ने पर हम किसी भी संक्रमण से लड़ने के लिए सक्षम होते हैं। तुलसी के पत्तों को चबा चबा कर खाए या तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर पीए। इस तरह तुलसी का सेवन करने से आपको बुखार में राहत मिलती है। इसी के साथ, फ्लू के लक्षण जैसे; सिरदर्द, जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में दर्द, आंखों की जलन जैसे लक्षणों से भी राहत मिलती है। तुलसी का सेवन हमारे शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है।

तुलसी के पत्तों को पीसकर उसमें अदरक कद्दूकस करके मिलाएं और उसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका सेवन करें। ऐसा करने से आप की इम्युनिटी बढ़ेगी और बुखार के लक्षणों से आपको राहत मिलेगी। इसी के साथ, ८-१० तुलसी के पत्ते और लोंग का चूर्ण एक लीटर पानी में डाल कर अच्छे से उबाले। पानी आधा हो जाने पर इस पानी को छान लें और ठंडा करके हर एक घंटे में इसका सेवन करें। वायरल इंफेक्शन की वजह से आए बुखार में इस तरह से तुलसी का प्रयोग काफी फायदेमंद साबित होता है। इसी के साथ, तुलसी का सेवन करने से बुखार के वक्त आई हुई मुंह की कड़वाहट को भी दूर किया जा सकता है।

४) अदरक-

अदरक की चाय बनाकर पीने से हमारा मूड फ्रेश हो जाता है। मूड फ्रेश करने के साथ-साथ, अदरक की चाय पीने से बुखार में भी काफी राहत मिलती है और हमारी बॉडी रिलैक्स हो जाती हैं। बुखार के वक्त आई कमजोरी, मांसपेशियों की ऐंठन और जोड़ों के दर्द में अदरक एक हीलिंग एजेंट की तरह काम करता है। अदरक की चाय एक अद्भुत इम्यूनिटी बूस्टर है; जो बुखार को कम करने के साथ-साथ सर्दी और खांसी की वजह से श्वसन मार्ग में आए किसी भी रुकावट को दूर करती है। इसी के साथ, अदरक में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं; जो हमारी इम्यूनिटी को भी बढ़ावा देते हैं।

५) धनिया-

धनिया ठंडी तासीर वाला होता है। इसलिए, बुखार के दौरान धनिया की चाय बनाकर पीने से हमें काफी राहत मिल सकती है। बुखार आने पर साबुत धनिया की चाय आप दिन में दो से तीन बार पी सकते हैं; इससे बुखार के साथ साथ, वायरल इन्फेक्शन के अन्य लक्षणों से भी राहत मिलती है।

५) हल्दी वाला दूध-

बुखार आने पर सबसे पहले हमारी मुंह की कड़वाहट बढ़ जाती है और हमें पानी से लेकर खाना सब कुछ कड़वा लगने लगता है। इसमें अगर डॉक्टर द्वारा बताए गए मेडिसिंस हम लेते हैं; तो उससे मुंह का टेस्ट और ज्यादा बिगड़ जाता है। बुखार में पहले ही कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में, अगर हम खाना नहीं खाएंगे, तो ज्यादा कमजोरी महसूस होती है।

ऐसे में, आप हल्दी वाला दूध पी सकते हैं। हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है; जिसमें एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी वायरल तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए, हल्दी का सेवन करने से बुखार से लड़ने में हमें ताकत मिलती है। हल्दी वाला दूध पीने से हमारी इम्युनिटी बढ़ती है, गले की खराश, जुकाम जैसी समस्याओं से राहत मिलती है और बुखार के दौरान आई कमजोरी को भी कम किया जा सकता है।

डॉक्टर की सलाह-

कई बार मौसम में बदलाव के साथ हमें सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ-साथ बुखार भी आ जाता है। ऐसे में, हम कोई भी दवाई ले लेते हैं और बुखार उतर जाता है। लेकिन, यह समस्या बढ़ने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। क्योंकि, बुखार आना किसी गंभीर संक्रमण का भी लक्षण हो सकता है। इसीलिए, बेहतर है, कि बुखार आने पर आप डॉक्टर से संपर्क करें और उनके दिशा निर्देशों के अनुसार दवाइयां ले।

तो दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का बुखार के लिए आसान घरेलू नुस्खे यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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