पीरियड्स में स्तनों में दर्द होने पर क्या करें

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है पीरियड्स में स्तनों में दर्द होने पर क्या करें मासिक धर्म महिलाओं में हर महीने होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। हम सभी जानते हैं, कि महीने के वह ४ दिन हर लड़की के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं। उस दौरान हर महीला को कई सारे दर्द और परेशानियों से गुजरना पड़ता है। हर महिला का मासिक धर्म अलग-अलग होता है; इसीलिए उनकी तकलीफ भी अलग-अलग हो सकती हैं। आमतौर पर, मेंस्ट्रूअल साइकिल २४-२८ दिनों की होती है। माहवारी के पहले और माहवारी के बाद में भी महिलाओं के शरीर में काफी सारे बदलाव देखने को मिलते हैं। 

मासिक धर्म आने से पहले या मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को स्तनों में दर्द होता है। इस दर्द का सबसे बड़ा कारण है, हार्मोनल बदलाव होना। हार्मोंस में असंतुलन होने की वजह से स्तनों में दर्द देखने को मिलता है। इसी के साथ, माहवारी के दौरान स्तनों में दर्द होने पर ब्रेस्ट पेन, टेंडरनेस, सूजन और ब्रेस्ट सोरनेस जैसी समस्याएं देखने को मिलते हैं। स्तनों में दर्द मासिक धर्म के दौरान होने पर परेशानियों को और ज्यादा बढ़ा देता है। कई बार मांसपेशियों में खिंचाव के कारण की स्तनों में दर्द हो सकता है। तो दोस्तों, आज जानेंगे मासिक धर्म के दौरान स्तनों में दर्द के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय के बारे में।

मासिक धर्म के दौरान स्तनों में दर्द का कारण-

मासिक धर्म के दौरान या मासिक धर्म आने से पहले स्तनों में दर्द मुख्य तौर पर हारमोंस में असंतुलन की वजह से होता है। दोनों ब्रेस्ट में दर्द होता है और निप्पल के एरिया में भी दर्द महसूस होता है। 

प्रोजेस्ट्रोन और इस्ट्रोजेन हार्मोन का असंतुलन ब्रेस्ट पेन का मुख्य कारण माना जाता है। इन दोनों हारमोंस में असंतुलन होने की वजह से ब्रेस्ट डक्ट और लेक्टेटिंग ग्लैंड का आकार बढ़ने लगता है। इसी कारण, हमारे स्तनों में दर्द शुरू हो जाता है। इसी के साथ, हारमोंस में असंतुलन के कारण लिंफ नोड में सूजन आ जाती है; जिस कारण स्तनों में दर्द होने लगता है। यह दर्द मासिक धर्म के दौरान या उसके पहले भी हो सकता है। 

एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन में गड़बड़ी होने के कारण हमारे लैक्टेटिंग ग्लैंड बढ़ने लगती हैं। इन दोनों हारमोंस में असंतुलन होने की वजह से प्रोलैक्टिन हार्मोन में भी असंतुलन आ जाता है और उसकी वजह से स्तनों में दर्द बढ़ जाता है

मासिक धर्म के दौरान स्तनों में दर्द के लक्षण-

मासिक धर्म के दौरान होने वाले स्थानों के दर्द में सूजन से लेकर दर्द तक ऐसे कई अन्य लक्षण दिखाई देते हैं।

१) आपके ब्रेस्ट में सौरनेस महसूस होना और दर्द होना।

२) आपके स्तनों में सूजन होना।

३) स्तनों में दर्द होने पर यह पर्व आपके कंधों तक और अंडर आर्म्स तक महसूस होना।

४) स्तनों में कोमलता महसूस होना। 

५) स्तनों में भारीपन महसूस होना।

मासिक धर्म के दौरान स्तनों के दर्द के लिए घरेलू उपाय

वैसे तो, मासिक धर्म के पहले होने वाले स्तनों के दर्द और मासिक धर्म में होने वाले स्तनों के दर्द कुछ दिनों में ही अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन, अगर आप इस दर्द को लेकर काफी असहज है; तो आप प्राकृतिक तरीके से इस दर्द के ऊपर घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं। 

१) मसाज-

हल्के हाथों से स्तनों पर किया गया मसाज इस दर्द में काफी हद तक राहत दिलाता है। हल्के गर्म ऑलिव ऑयल में थोड़ी सी कपूर की मात्रा मिलाकर इस ऑयल से अपने ब्रेस्ट पर सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से मसाज करें। इस तरह से अपने स्तनों को मसाज करने से ब्लड सरकुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती हैं। इसी के साथ, मसाज करने से स्तनों की सेल्स और टिशूज को भी आराम मिलता है। इसी कारण, ब्रेस्ट में होने वाले दर्द से राहत मिल सकती हैं। स्तनों में होने वाले दर्द को मिटाने के लिए आप मसाज का प्रयोग कर सकती हैं। कैस्टर ऑयल के साथ ऑलिव ऑयल मिलाकर उसका मसाज करने से भी ब्रेस्ट पेन से राहत मिलती है।

२) आइस पैक-

स्तनों में दर्द होने पर सूजन और सोरनेस पर बढ़ जाती हैं; जो काफी दर्दनाक होती है। स्तनों में दर्द को कम करने के लिए आप आइस पैक का इस्तेमाल कर सकती हैं। आइस पैक का इस्तेमाल करने से स्तनों की सूजन तथा दर्द से राहत मिलती है। आइस पैक का इस्तेमाल आप दिन में दो से तीन बार कर सकते हैं।

३) मैग्नीशियम युक्त पदार्थ-

कभी-कभी मासिक धर्म के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव आने के कारण भी स्तनों में दर्द देखने को मिलता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए मैग्नीशियम से युक्त पदार्थों का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है। डार्क चॉकलेट, हरी पत्तेदार सब्जियां, केला तथा बीजों का सेवन करने से शरीर को मैग्निशियम उचित मात्रा में मिलता है; जिस कारण स्तनों के दर्द को कम किया जा सकता है।

४) विटामिन ई-

मासिक धर्म के दौरान होने वाले स्तनों के दर्द में विटामिन ई काफी असरदार साबित होता है। विटामिन ई युक्त पदार्थ का सेवन करने से स्तनों के दर्द से काफी हद तक राहत मिलती हैं। इसी के साथ, आप विटामिन ई के कैप्सूल का भी सेवन कर सकते हैं।

५) संतुलित आहार-

कई बार महिलाएं घर के कामों में और ऑफिस के कामों में इतनी उलझ जाते हैं; कि उन्हें खुद के खानपान का भी ध्यान नहीं रहता है। दूसरों का ख्याल रखते रखते महिलाएं अपना खुद का ख्याल रखना भूल जाती है। यही गलती उनके लिए कई सारी परेशानियां लेकर आती हैं। स्तनों में दर्द होने पर अपना आहार संतुलित रखने की बहुत ही आवश्यकता होती है। अपने आहार में विटामिन, प्रोटीन, इलेक्ट्रोलाइट्स, मिनरल्स, फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन अवश्य करना चाहिए। यह सारे पदार्थ हमारे शरीर की कार्यप्रणाली को उचित रूप से करने के लिए अत्यावश्यक होते हैं। इन सभी पदार्थों का सेवन करने से शरीर को उचित मात्रा में पोषण मिलता है और हारमोंस संतुलित रहते हैं।

६) पानी की सही मात्रा-

मासिक धर्म के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत ही जरूरी होता है। शरीर में पानी की मात्रा कम होने पर ब्लड वॉल्यूम भी कम हो जाता है; जो मासिक धर्म के दौरान कमजोरी, दर्द तथा कई परेशानियां साथ लेकर आता है। इन सभी परेशानियों को टालने के लिए शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखिए।

७) सही ब्रा पहने-

आजकल फैशन के तौर पर कई महिलाएं बहुत ही टाइट ब्रा पहनती हैं; जिस कारण स्तनों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। मासिक धर्म के दौरान स्तनों में होने वाला दर्द कभी-कभी मांसपेशियों में खिंचाव आने की वजह से भी होता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप मासिक धर्म के दौरान सपोर्टेड ब्रा पहनने की आदत डालें। उचित साइज और कंफर्टेबल कॉटन की ब्रा पहनने से आपके स्तनों को आराम मिलता है और वह अच्छे से सांस ले पाते हैं; जिस कारण उनमें हो रहे दर्द को कम किया जा सकता है। इसलिए, मासिक धर्म के दौरान सही ब्रा का चयन करें और स्तनों के दर्द से छुटकारा पाएं।

डॉक्टर की सलाह-

ऊपर दिए गए घरेलू नुस्खे आजमा कर भी अगर आपका ब्रेस्ट पेन कम ना हो रहा हो; तो ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है। डॉक्टर आपके स्तनों का अच्छे से परीक्षण करेंगे तथा स्तनों में दर्द की गंभीरता के अनुसार आपको मेडिसिन लिख कर देंगे। डॉक्टर आपको विटामिन कंटेंट वाली टैबलेट्स देंगे; जिनसे बिगड़ा हुआ हार्मोंस का संतुलन सुधारा जा सकता है।

इसी के साथ, स्तनों में दर्द के लिए कुछ पेन किलर भी दे सकते हैं। अक्सर कुछ महिलाएं स्तनों में दर्द होने पर पेन किलर अपने आप मन से ले लेती हैं। लेकिन, यह गलत है। डॉक्टर के सलाह अनुसार ही आप पेन किलर का सेवन करें; वरना इससे साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं।

दोस्तों, हमारे जन्म के बाद सबसे पहले हमारी मां हमें दूध पिलाती है। बच्चे को जन्म देने के लिए महिलाओं का यह अंग बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इसीलिए, स्तनों में हो रहे दर्द या किसी भी अन्य परेशानियों को नजरअंदाज करना गलत साबित होता है। स्तनों में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें या कुछ घरेलू नुस्खे आजमा कर देखें।

उम्मीद है, दोस्तों आपको आज का पीरियड्स में स्तनों में दर्द होने पर क्या करें यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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