काली मिर्च के फायदे और नुकसान

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है, काली मिर्च के फायदे और नुकसान,दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं काली मिर्च के फायदे और नुकसान के बारे में। हमारे भारत देश का आयुर्वेद शास्त्र बहुत ही संपन्न है। इसमें अलग-अलग बीमारियों के ऊपर बहुत सारे उपचार शामिल है। आयुर्वेदिक उपचार करने से हमारा शरीर तंदुरुस्त रहता है और उसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं। इसी के साथ, इसमें शामिल पदार्थ काफी सरल और आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। दालचीनी, तुलसी, अदरक, शहद, सेंधा नमक, बेहड़ा, हरदा, काली मिर्च, इलाइची, लोंग यह सारे पदार्थ हमारे घर में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। क्योंकि, इनमें से कई वस्तुएं मसालों के पदार्थों में शामिल होती है। मसाले भारत में रोज के खाने में उपयोग में लाए जाते हैं।

काली मिर्च ऐसे ही एक मसालों के पदार्थों में से एक है। सलाद, सैंडविच, चाइनीस पदार्थ इन पर थोड़ासा काली मिर्च का पाउडर छिड़क दो और इनका स्वाद बढ़ जाता है। काली मिर्च का इस्तेमाल रसोईघर के कई पदार्थों का स्वाद बढ़ाने के लिए होता है। काली मिर्च में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। काली मिर्च में एंटी इन्फ्लेमेटरी, दर्द निवारक तत्व और डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत करने वाले तत्व पाए जाते हैं। काली मिर्च के अनगिनत फायदे हैं। इसके साथ, इसका अधिक सेवन करने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।

काली मिर्च के फायदे

जैसे कि हमने देखा, काली मिर्च में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। काली मिर्च ना ही खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि औषधीय गुणों की वजह से वह बहुत सारे रोगों के लिए भी उपयुक्त साबित होती हैं।

१) सर्दी खांसी में उपयोगी-

काली मिर्च सर्दी खांसी में काफी उपयुक्त साबित होती हैं। पुराने जमाने के लोग आज भी सर्दी खांसी होने पर या गले में खराश होने पर काली मिर्च इस्तेमाल करते हैं। अध्ययन के अनुसार, काली मिर्च में पाइपरीन नाम का घटक पाया जाता है; जो गले की खराश और सर्दी खांसी से राहत दिलाता है। काली मिर्च फोक मेडिसिन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए, सर्दी खांसी होने पर काली मिर्च का उपयोग करना चाहिए।

२) कोलेस्टेरॉल को करें कम-

जिन लोगों में कोलेस्ट्रोल की तकलीफ होती है, ऐसे लोगों के लिए काली मिर्च बहुत असरदार होता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर बहुत सारे रोगों का खतरा बढ़ता है। इसलिए, कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करने के लिए काली मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है। काली मिर्च में पाइपरीन नाम का घटक पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रोल की मात्रा नियंत्रित करने में प्रभावी होता है। आप काली मिर्च का इस्तेमाल अपने रोजाना खाने में कर सकते हैं।

३) एंटीऑक्सीडेंट्स-

काली मिर्च में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयुक्त होते हैं। कभी-कभी हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स का निर्माण हो जाता है, जो हमारे शरीर के लिए घातक होते हैं। इनकी वजह से बहुत सी बीमारियो का खतरा होता है। इन फ्री रेडिकल्स को नियंत्रित करने के लिए और कम करने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स महत्वपूर्ण होते हैं। इसीलिए, हमें एंटी ऑक्सीडेंट से भरे काली मिर्च का रोजाना सेवन करना चाहिए।

४) भूख बढ़ाए-

कई लोगों में पाचन संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, जिसकी वजह से उन्हें भूख नहीं लगती है। ऐसे में, भूख बढ़ाने के लिए आप काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं। काली मिर्च का सेवन करने से हमारे टेस्ट बड्स उत्तेजित हो जाते हैं और पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा भी बढ़ जाती है। इससे आपको भूख अच्छी तरह से लगती है और खाना भी ठीक से पचता है। इसी के साथ; पेट फूलना, कब्ज, पेट में गैस जैसी पेट संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिलता है। मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए भी काली मिर्च फायदेमंद होती हैं।

५) डायबिटीज कंट्रोल-

डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए भी काली मिर्च का उपयोग किया जाता है। काली मिर्च में एंटीहाइपरग्लाइसमिक एजेंट्स मौजूद होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में प्रभावी होते हैं। इसीलिए, डायबिटीज के पेशेंट को काली मिर्च का रोजाना सेवन करना चाहिए। इसी के साथ, सामान्य लोग जिन्हें डायबिटीज नहीं है, वे भी रोजाना इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, अधिक सेवन करने से पेट की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।

६) वजन कम करने में मदद-

जिन लोगों का वजन ज्यादा है, ऐसे लोगों के लिए काली मिर्च फायदेमंद होती है। अध्ययन के अनुसार, काली मिर्च के सेवन से बिना भूख पर कोई परिणाम हुए फैट्स और लिपिड की मात्रा कम होती है। काली मिर्च ना ही भूख पर परिणाम होने देती है और उसी के साथ आपका वजन भी कम करती है। इसीलिए, वजन नियंत्रित रखने के लिए काली मिर्च का रोजाना सेवन करना चाहिए।

७) ओरल हाइजीन-

काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए, दांतों की समस्या कम करने के लिए और पूरे ओरल हाइजीन को मेंटेन रखने के लिए काली मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है। लौंग के तेल में काली मिर्च का पाउडर मिलाकर फुले हुए मसूड़ों पर इसका इस्तेमाल करें। इससे मसूड़ों से सूजन कम होती है, दांतों की समस्याएं दूर होती है और मुंह से बदबू आना भी कम हो जाता है। इसी के साथ, काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन तत्व कैंसर एजेंट्स को कम करने में प्रभावी होता है।

८) मस्तिष्क-

कुछ लोगों में अल्जाइमर जैसे मस्तिष्क से जुड़े रोग हो जाते हैं। काली मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं जो हमारे मस्तिष्क की सेहत के लिए अच्छे होते हैं। कालीमिर्च का सेवन करने से अल्जाइमर जैसे रोगों से छुटकारा मिल सकता है। काली मिर्च का सेवन याददाश्त को बढ़ावा देता है और स्ट्रेस लेवल को नियंत्रित रखता है।

काली मिर्च के नुकसान

काली मिर्च को उचित मात्रा में खाने से शरीर को बहुत सारे फायदे होते हैं। लेकिन, इसका अधिक सेवन करने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं, काली मिर्च अधिक मात्रा में खाने से होने वाले नुकसान।

  1. काली मिर्च का सेवन करते समय आंखों के नीचे और त्वचा के साथ कोई संपर्क ना हो, क्योंकि इससे आपको बहुत जलन हो सकती है।
  2. काली मिर्च गर्म तासीर वाली होती है। इसका अधिक मात्रा में सेवन पेट की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है, इससे पेट में जलन हो सकती हैं। लेकिन, यह कोई गंभीर समस्या नहीं होती; यह अपने आप ही थोड़ी देर में ठीक हो जाती है।
  3. कालीमिर्च का सेवन करने से त्वचा पर सूजन, लालिमा, खुजली, रैशेज आ सकते हैं। लेकिन, इसके मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
  4. गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं काली मिर्च का सेवन ना करें। गर्भावस्था के दौरान तेज़ मसालेदार चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी इसका सेवन करने से बचें; क्योंकि उसका बच्चे पर असर हो सकता है।
  5. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के मरीजों को काली मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए।

दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का काली मिर्च के फायदे और नुकसान,यह ब्लॉग अच्छा लगा हो धन्यवाद।

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