बथुआ खाने के फायदे और नुकसान

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है बथुआ खाने के फायदे और नुकसान,हमारा भारत देश कृषि संपन्न देश है। इसमें अलग-अलग तरह के धन धान्य, सब्जियां, फल उगाए जाते हैं। हर प्रांत की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। हर एक सब्जी में और फलों में अलग-अलग औषधीय तत्व पाए जाते हैं। कई सब्जियां खाने में बिना स्वाद वाली तथा कड़वाहट से भरी होती हैं। लेकिन, वह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत बेहतर होती हैं। इन्हीं सब्जियों में से एक हैं बथुआ। बथुआ की खेती नहीं की जाती है। बथुआ गेहूं के साथ खरपतवार के रूप में उग जाती हैं। बथुआ का साग बना कर खाते हैं या फिर इसके पराठे बना कर भी खा सकते हैं। बथुआ ठंडी तासीर वाली होती है।

बथुए को कम मसाले के साथ पकाए और इस तरह खाने से इसके लाभ अधिक मिलते हैं। यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होती है। बथुआ में विटामिन, आयरन, पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शियम, फाइबर जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए, बथुआ खाना हमारी इम्यूनिटी को बढ़ावा देता है। लेकिन, कभी-कभी ज्यादा मात्रा में बथुआ खाने से उसके नुकसान भी देखे गए हैं। तो दोस्तों, आज जानेंगे बथुआ खाने के फायदे और नुकसान

बथुआ खाने के फायदे

बथुआ में पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को मजबूती प्रदान करते हैं। इसका सेवन करने से हमारे शरीर को काफी लाभ होते हैं। इसी के साथ, कई बीमारियों के लिए भी इलाज के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता है।

१) मजबूत इम्युनिटी-

दोस्तों, हमारे शरीर की इम्युनिटी हमेशा ही मजबूत होनी चाहिए। कमजोर इम्यूनिटी होने पर कोई भी संक्रमण हमें आसानी से हो जाता है। इसीलिए, अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए आप बथुआ का सेवन कर सकते हैं। जिन लोगों की रोगप्रतिकारक क्षमता कमजोर हो, ऐसे लोग बथुआ की सब्जी में सेंधा नमक डालकर छाछ के साथ खा सकते हैं। 

२) दांतो की मजबूती-

बथुआ की सब्जी दातों की समस्याओं के लिए भी लाभकारी होती है। अगर आपके दांतों में दर्द हो रहा हो, तो बथूआ के बीज का चूर्ण बना लें और उसको अपने दांतो पर रगड़े। इससे दातों का दर्द कम होता है और मसूड़ों में आई सूजन भी कम होने में मदद मिलती है।

इसी के साथ, बथुआ के पत्तों को कच्चा चबाने से दातों की समस्या, पायरिया, मुंह का अल्सर, मुंह से आनेवाली बदबू आदि समस्याएं कम हो जाती हैं।

३) अनियमित माहवारी-

तनावपूर्ण जीवन जीने से कई महिलाओं को अनियमित पीरियड की समस्या हो जाती है। महिलाओं के पीरियड रेगुलर करने के लिए  आप बथुआ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको बथूआ के बीज और सौंठ ले और उसका पाउडर बना लें। लगभग ५०० मिलीलीटर पानी में २० ग्राम इस पाउडर का मिश्रण डाल ले। अब इस पानी को तब तक उबालें, जब तक पानी लगभग १०० मिलीलीटर तक ना हो जाए। इस पानी का दिन में एक बार सेवन करें। आपको कुछ ही दिनों में फर्क नजर आएगा।

४) पेट की समस्याएं-

बथुआ पेट संबंधित समस्याओं के लिए भी कारगर साबित होता है। इसके सेवन से कब्ज, लीवर की समस्याएं, तिल्ली की समस्याओ राहत मिलती है। कब्ज से राहत पाने के लिए आप बथुआ की सब्जी बनाकर खाएं। इसी के साथ, आपकी बवासीर की समस्या भी कम हो जाती हैं। 

तिल्ली के बढ़ने पर बथुआ को सेंधा नमक और कालीमिर्च के साथ उबाले ले और इसका साग बनाकर इसका सेवन करें। इससे तिल्ली धीरे धीरे घट जाती है। बथुआ के रस में नमक मिलाकर पीने से पेट में हुए कीड़े नष्ट हो जाते हैं। 

५) जोड़ों का दर्द-

बथुआ के पत्तों का काढ़ा बना ले और इस काढे को जोड़ों पर लगाएं। जोड़ों का दर्द होने से काफी परेशानी होती है। जिस अंग में दर्द हो रहा हो, वहां की गतिशीलता कम हो जाती है। इसीलिए, बथुआ के पत्तों का काढ़ा लगाने से जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है। 

६) त्वचा की समस्या-

त्वचा की समस्याएं जैसे; सफेद दाग, रेडनेस, रैशेज, खुजली के लिए भी बथुआ काफी प्रभावी होता है। बथुआ पानी में उबालकर इस पानी से त्वचा को धोने से त्वचा की समस्याएं नष्ट हो जाती है। इसी के साथ, बथुआ के पत्तों का रस निकाल लें। एक कप बथुआ के पत्तों का रस में तिल का तेल मिलाकर धीमी आंच पर गर्म करें। पानी पुरी तरह से उबलकर खत्म हो जाने पर इसका उपयोग त्वचा पर करने से सारी समस्याए खत्म हो जाती हैं।

बथुआ खाने के नुकसान-

अधिक मात्रा में बथुआ खाने से शरीर को काफी नुकसान भी पहुंच सकते हैं। इसीलिए इसका सेवन उचित मात्रा में करना चाहिए। इसका सेवन करने के बाद अगर आप कुछ गंभीर परेशानी से जूझ रहे हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

१) सेंसेटिव स्किन-

जिन लोगों की त्वचा अति संवेदनशील है, ऐसे लोगों को बथुआ का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे लोगों में बथुआ की वजह से एलर्जी हो सकती है। ऐसी तकलीफ होने पर आप एक एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

२) गर्भपात-

अगर आप गर्भवती हैं, तो बथुआ का सेवन करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। क्योंकि, गर्भवती महिलाओं के लिए बथुए का सेवन हानिकारक माना गया है। अधिक मात्रा में बथुए का सेवन करने से गर्भपात होने की संभावना होती है।

३) प्रजनन क्षमता-

बथुआ का सेवन हमारे शरीर के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। लेकिन, इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से आपकी प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकता है। बथुए में प्रजनन विरोधी गुण पाए जाते हैं। इसीलिए, इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

४) डायरिया-

बथुआ का ज्यादा सेवन करने से डायरिया जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है। बथुए में ऑक्सिलेजिक एसिड होता है और इसका अधिक सेवन करने पर डायरिया, कब्ज, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

५) कैल्शियम-

जिन लोगों के शरीर में कैल्शियम की कमी होती हैं, ऐसे लोगों को बथुआ का सेवन नहीं करना चाहिए। बथुआ में ऑक्सिलिक एसिड मौजूद होता है, जो आपके शरीर की कैल्शियम की मात्रा कम करता है। 

दोस्तों, जैसे कोई भी चीज के फायदे और नुकसान होते हैं। उसी तरह बथुआ खाने से भी बहुत सारे फायदे और कुछ नुकसान हो सकते हैं। इसलिए, इसका सेवन उचित मात्रा में करना चाहिए।

उम्मीद है, आपको आज का बथुआ खाने के फायदे और नुकसान यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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