फिटकरी के फायदे

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है फिटकरी के फायदे,पुराने जमाने में जब वॉटर फिल्टर नहीं होते थे; तब पानी को साफ और स्वच्छ करने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता था। आज भी भारत देश के कई गांव में जहां वाटर फिल्टर नहीं होते हैं; वहां पानी को स्वच्छ करने के लिए फिटकरी का ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, पुराने जमाने के मुकाबले आजकल फिटकरी का इस्तेमाल काफी कम हो गया है। साधारण से दिखने वाले इस रासायनिक पदार्थ में कई सारे औषधीय तत्व और गुण मिलते हैं; जो स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के लिए कारगर साबित होते हैं। पानी को साफ बनाने के अलावा, फिटकरी के कई अन्य स्वास्थ्य संबंधित फायदे देखने को मिलते हैं। 

कई घरों में फिटकरी का इस्तेमाल आफ्टर शेव लोशन की तरह भी किया जाता है। फिटकरी का साइंटिफिक नाम “पोटेशियम अल्यूमिनिनम सल्फेट” है। फिटकरी को इंग्लिश में “एलम” कहा जाता है। फिटकरी एक रंगहीन रासायनिक पदार्थ है; जो क्रिस्टल की तरह दिखता है। फिटकरी दो तरह के होते हैं; एक लाल और सफेद। लेकिन, ज्यादातर सफेद फिटकरी का ही इस्तेमाल किया जाता है। फिटकरी में एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं; जो पानी से जीवाणुओं को हटाने में कारगर होते हैं। तो दोस्तों, आज जानेंगे फिटकरी के फायदे

फिटकरी के फायदे

फिटकरी में एस्ट्रिजेंट, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल, एंटी ट्राईकोमोनस, एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी बायोटिक के तत्व पाए जाते हैं। इसलिए, फिटकरी के कई फायदे देखने को मिलते हैं। 

१) माउथवॉश-

फिटकरी का इस्तेमाल दांतो से प्लाक हटाने के लिए, मुंह से हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने के लिए और पूरा मौखिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए करना बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। बच्चों में खासकर कैविटी, प्लाक देखने को मिलती हैं। बच्चे वैसे भी, ठीक से ब्रश नहीं करते हैं; तो उन्हें कैविटी, प्लाक जैसी समस्याएं होती रहती हैं। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए और ओरल हाइजीन को मेंटेन रखने के लिए फिटकरी का माउथवॉश के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन, इसे पीना सही नहीं होता है। इसे माउथवॉश की तरह ही इस्तेमाल करना चाहिए।

२) तन की दुर्गंध-

कई बार पसीने की वजह से हमारे शरीर पर बैक्टीरिया पनपते हैं और इन्हीं बैक्टीरिया की वजह से तन की दुर्गंध आने लगती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नहाने के हल्के गुनगुने पानी में फिटकरी को मिलाकर उस पानी से नहाना चाहिए। अध्ययन के अनुसार, फिटकरी में एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं; जो तन की दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने में कारगर होते हैं। फिटकरी के इसी गुण के कारण डिओडरेंट बनाने वाली कंपनियां अपने प्रोडक्ट के निर्माण में फिटकरी को एक सक्रिय घटक के रूप में शामिल करते हैं।

३) झुर्रियां घटाएं-

बढ़ता प्रदूषण, बदली हुई जीवनशैली की वजह से हम कम उम्र में ही एजिंग की तरफ बढ़ रहे हैं। एजिंग की इन समस्याओं से निजात पाने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल काफी फायदेमंद साबित होता है। फिटकरी में प्राकृतिक एस्ट्रिजेंट के तत्व पाए जाते हैं। प्राकृतिक रूप से झुर्रियां, झाइयां, पिगमेंटेशन, फाइन लाइन आदि एजिंग के लक्षणों से निजात पाने के लिए फिटकरी का उपयोग किया जा सकता है। अपनी बेजान, लटकी हुई रूखी त्वचा में फिर से जान डालने के लिए और उसमें कसाव लाने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता है। फिटकरी लगाने से त्वचा में कसावट आता है और त्वचा टाइट बनी रहती है। इसी कारण, कई सारे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट के निर्माण में भी फिटकरी का फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता है।

४) मुंहासे-

रोम छिद्र के बड़े होने के कारण मुंहासों की समस्या अधिक मात्रा में देखने को मिलती है। फिटकरी में मौजूद एस्ट्रिजेंट के तत्व बड़े रोम छिद्रों में कसाव लाने का काम करते हैं, जिससे मुंहासों की समस्या नियंत्रित की जा सकती है। चेहरे पर फिटकरी लगाने से मुहांसों की समस्या से राहत मिलती है। फिटकरी का पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाया जा सकता है। लेकिन, अधिक इस्तेमाल से त्वचा काली पड़ सकती हैं।

५) फटी एड़िया-

फटी एड़ियों की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। खासकर महिलाओं में फटी एड़ियों की समस्या देखने को मिलती है। फटी एड़िया होने पर प्रभावित हिस्से की त्वचा ड्राई हो जाती है और वहां दरारे पड़ जाती हैं। कभी-कभी फटी एडियो से खून भी निकलने लगता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल करते हैं। खाली कटोरी में फिटकरी को गर्म करें। ऐसा करने से फिटकरी फोम की तरह बन जाएगी। ठंडा होने पर उसमें नारियल तेल मिलाकर फटी एड़ियों पर लगातार लगाएं। 

६) दांतो का स्वास्थ्य-

दातों में कैविटी, प्लाक,कीड़ा लगना जैसी समस्याएं होने पर फिटकरी का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिटकरी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल तत्व दांतो पर जमे प्लाक और कैविटी को नष्ट करने के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। फिटकरी का इस्तेमाल करने से ओरल हाइजीन मेंटेन की जा सकती हैं। दातों से कैविटी हटाने के लिए और ओरल हाइजीन मेंटेन रखने के लिए नियमित तौर पर फिटकरी का इस्तेमाल करना चाहिए।

७) घाव या चोट लगने पर-

अगर आपको कोई घाव या चोट लगी है और उससे खून बह रहा है; तो फिटकरी के पानी से उसे धो लें। इससे खून बहना बंद हो जाएगा और घाव भरने में भी मदद मिलती है।

उम्मीद है, आपको आज का यह फिटकरी के फायदे ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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