अस्थमा के मरीज़ क्या खाए और क्या ना खाएं

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? दोस्तों, आज हम चर्चा करने वाले हैं, अस्थमा के मरीज़ क्या खाए और क्या ना खाएं ,अपने आहार में किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए। अस्थमा दो प्रकार के होते हैं; एक है आंतरिक अस्थमा और एक बाहरी अस्थमा। अस्थमा किसी एलर्जी या संक्रमण से किसी को भी, किसी भी आयु में हो सकता है। अस्थमा ऐसी बीमारी है; जिसमें आपको आपके खानपान की बहुत देखभाल करनी होती हैं। आपके खानपान में थोड़ा सा भी बदलाव होना इस बीमारी को ट्रिगर कर सकता है। खाने के साथ साथ ही अस्थमा के मरीजों को धूल, मिट्टी की जगह तथा ठंडी जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए। तो चलिए दोस्तों, आज की चर्चा शुरू करते हैं।

अस्थमा के मरीज़ क्या खाए

अस्थमा के मरीजों को अपनी बीमारी ध्यान में रखकर अपना आहार रखना चाहिए; इससे विपरीत आहार लेने पर उनको तकलीफ हो सकती हैं।

१) हरी सब्जियां-

हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से हमारे शरीर को बहुत मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य पोषक तत्व का लाभ मिलता है। इसका सेवन करने से हमारी रोग प्रतिकारक शक्ति भी बढ़ती है। हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से हमारे छाती में बलगम जमा नहीं होता है और हमें अस्थमा का अटैक आने की संभावना कम होती हैं। इसी के साथ, हरी पत्तेदार सब्जियां हमारे फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

२) शहद + दालचीनी-

रात को सोने से पहले शहद और दालचीनी को मिलाकर खाने से अस्थमा के मरीजों को काफी लाभ मिलता है। इस मिश्रण को खाने से अस्थमा के मरीजों फेफड़ों को आराम मिलता है। 

३) विटामिन सी युक्त पदार्थ-

अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है, कि विटामिन सी से युक्त पदार्थों का उचित मात्रा में सेवन करने से अस्थमा के मरीजों को काफी लाभ मिलता है और उन्हें अस्थमा का अटैक आने की संभावना कम होती है। विटामिन सी युक्त पदार्थ एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं; जो हमारे फेफड़ों की रक्षा करते हैं और उन्हें संक्रमण से बचाते हैं। इसीलिए, अस्थमा के मरीजों को कीवी, ब्रोकोली, संतरा ऐसे विटामिन सी युक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए

४) एप्पल-

संशोधन के अनुसार, जो लोग हफ्ते में तीन से चार सेब खाते हैं; उनको अस्थमा का अटैक आने की संभावना बहुत ही कम होती है। एप्पल में फ्लेवोनॉयड्स तत्व पाए जाते हैं; जो आप के फेफड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं और उन तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करते है। इसीलिए, दमा के मरीजों को सेब का सेवन जरूर करना चाहिए।

५) तुलसी-

मौसम में बदलाव के आते ही अस्थमा के मरीजों को सर्दी, खांसी, जुकाम आसानी से हो जाता है। ऐसे में उनको तो तुलसी का सेवन जरूर करना चाहिए। तुलसी का स्थान आयुर्वेद में सर्वोपरि माना गया है। तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं; जो हमारे शरीर को मजबूती प्रदान करती हैं। ऐसे में, तुलसी का सेवन करने से अस्थमा के मरीजों को अटैक आने की संभावना बहुत ही कम होती है। इसी के साथ, सीजनल बीमारियों का भी खतरा कम होता है। इसका उपयोग आप किसी भी तरह कर सकते हैं। चाय बनाते समय तुलसी के ३-४ पत्ते डाल दें या तुलसी की ही हर्बल टी पिए।

६) दाल-

चना दाल, मूंग दाल, अरहर की दाल तथा सोयाबीन जैसी अन्य दालों का सेवन करने से हमें प्रोटीन उचित मात्रा में मिलता है। प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयुक्त होता है और हमारे फेफड़ों को मजबूती प्रदान करता है। इसीलिए, दमा के मरीजों को विविध दालों का सेवन जरूर करना चाहिए। आप दालो का सूप बनाकर भी पी सकते हैं।

७) अन्य चीजें-

ऊपर बताए गए पदार्थों के साथ साथ आप गाजर, अंजीर, अजवाइन जैसे पदार्थों का सेवन भी किया जा सकता है। इसी के साथ, कॉफी या ब्लैक टी का सेवन भी कर सकते हैं।

अस्थमा के मरीज क्या ना खाए

ऐसे कई पदार्थ हैं, जिनको खाने से अस्थमा का अटैक ट्रिगर होता है और अस्थमा के मरीजों को परेशानी हो सकती हैं। इसीलिए, ऐसे मरीजों को इन चीजों का सेवन वर्जित है। तो आइए जानते हैं, अस्थमा के मरीज को क्या नहीं खाना चाहिए। 

१) अस्थमा के मरीजों को ठंडी तासीर वाली चीजें, मूंगफली, केला, दही, चीनी जैसे पदार्थों से परहेज रखना चाहिए।

२) अंडे, गेहूं, सोया, पपीता, चावल इन चीजों का सेवन भी वर्जित करना चाहिए।

३) अस्थमा के मरीजों को डिब्बाबंद पदार्थ, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, बांसी खाना जैसे पदार्थों से परहेज करना चाहिए। इनका सेवन करने से उनको ज्यादा तकलीफ हो सकती है।

४) अधिक तली भुनी चीजें, तथा अधिक नमक का सेवन भी वर्जित करना चाहिए।

५) उड़द, मटर, काबुली चना, दूषित जल और मच्छली जैसे पदार्थों को भी वर्जित करना चाहिए।

इसी के साथ, अस्थमा के मरीजों को कुछ अन्य चीजों का भी ध्यान रखना चाहिए। अस्थमा के मरीजों को धूम्रपान, शराब, तंबाकू के पदार्थों का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। अस्थमा के मरीजों को ठंडी और ज्यादा नमी वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को खाना वक्त पर खाना चाहिए और भरपूर नींद लेनी चाहिए। अस्थमा के मरीजों के लिए योगासन, प्राणायाम तथा व्यायाम अधिक लाभदायक होते हैं। इसीलिए, रोजाना उनका अभ्यास करें। 

दोस्तों आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।.

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