अनियमित मासिक धर्म के लक्षण, कारण और उपाय

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है अनियमित मासिक धर्म के लक्षण, कारण और उपाय,हम सभी जानते हैं हर महीने मासिक धर्म के दौरान हर लड़की और महिलाओं को कई परेशानियों से गुजरना पड़ता है। आजकल की महिलाएं और लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। हर महिला अपने आप को सिद्ध करने के लिए घर के बाहर जाकर काम करती हैं। इसी कारण, कभी-कभी उन्हें शारीरिक स्वास्थ्य की समस्याओं को भी झेलना पड़ता है। बदली हुई जीवनशैली और खानपान की पद्धति में बदलाव की वजह से हमारे शरीर पर उसका काफी बुरा असर पड़ता है। अनियमित दिनचर्या, खानपान की पद्धति में बदलाव, पर्याप्त मात्रा में आराम ना करना, तनाव ग्रस्त जीवन पद्धति की वजह से अनियमित मासिक धर्म की समस्या उत्पन्न हो सकती हैं। 

इन दिनों महिलाओं में मासिक धर्म के काफी परेशानियां देखने को मिलती हैं। मासिक धर्म अनियमित होने पर महिलाओं को बहुत सारे तकलीफों का सामना करना पड़ता है। किशोरावस्था की लड़कियों को भी पीरियड्स बहुत जल्द शुरू हो जाते हैं या बहुत ही देर से शुरू होते हैं; जो कि एक समस्या मानी जा रही है। वैसे तो, अनियमित मासिक धर्म एक आम समस्या है; जो कुछ महीनों में ठीक हो सकती हैं। लेकिन, इसका वक्त पर इलाज ना किया जाए; तो कई बार यह समस्या गंभीर रूप धारण कर लेती हैं। दोस्तों, आज जानेंगे अनियमित मासिक धर्म के लक्षण, कारण और उपाय

अनियमित मासिक धर्म के कारण-

अनियमित मासिक धर्म के कई कारण हो सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, वात और पित्त दोष के असंतुलन के कारण भी अनियमित मासिक धर्म हो सकता है।

१) तनाव-

अधिक तनाव ग्रस्त जीवन पद्धति जीने की वजह से भी मासिक धर्म में अनियमितता आ सकती हैं। एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन यह तीन हार्मोन महिलाओं के शरीर में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिक तनाव होने के कारण महिलाओं के शरीर में इन तीनों हारमोंस में गड़बड़ी हो सकती है और इस कारण भी मासिक धर्म में अनियमितता देखी जा सकती हैं। कॉर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन है। कोर्टिसोल हार्मोन की लेवल बढ़ने पर महिलाओं में मासिक धर्म प्रभावित हो सकता है। 

२) शराब और धूम्रपान-

जो महिलाएं शराब और धूम्रपान का सेवन करती हैं; उन महिलाओं में भी मासिक धर्म की अनियमितता देखी जाती है। शराब का सेवन करने से एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है; जिस कारण मासिक धर्म प्रभावित होता है। 

३) वजन-

अचानक से वजन बढ़ना या वजन घटना भी मासिक धर्म को काफी हद तक प्रभावित करता है। दरअसल, वजन घटने से या बढ़ने से हमारे शरीर में हार्मोन्स की लेवल में गड़बड़ी आने के कारण भी मासिक धर्म अनियमित हो सकते हैं। 

४) पर्याप्त नींद-

अनियमित जीवनशैली में ऑफिस के या घर के काम के चलते महिलाएं रात को देर से सोती है और सुबह जल्दी उठ जाती हैं। ऐसे में, वह पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं; जिसका सीधा असर पीरियड्स पर देखने को मिलता है। पर्याप्त नींद ना लेने की वजह से भी मासिक धर्म प्रभावित होते हैं और वह इरेगुलर हो सकते हैं।

५) जंक फूड-

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार हम पैकेज फूड, रेडी टू ईट फूड, जंक फूड का सेवन करते हैं। लेकिन; उसका सीधा हमारी तबीयत पर बुरा असर पड़ता है। महिलाओं में जंक फूड का असर सीधा उनके माहवारी पर देखने को मिलता है। जंक फूड का सेवन करने से महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव देखने को मिलते हैं; जिस कारण पीरियड इरेगुलर हो सकते हैं।

६) दवाइयां-

कई बार महिलाएं अपने मासिक धर्म को रेगुलर करने के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करती हैं। इसी के साथ, अन्य बीमारियां जैसे; डायबिटीज, हाई बीपी और थायराइड की दवाइयां भी लेती हैं। कभी-कभी इन सभी दवाइयों का भी साइड इफेक्ट होकर महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता देखी जा सकती है।

७) ओवरियन सिस्ट-

कई महिलाओं को ओवेरियन सिस्ट की समस्या रहती है। इस कारण भी उनके पीरियड अनियमित हो सकते हैं। 

अनियमित मासिक धर्म के लक्षण-

अनियमित मासिक धर्म के अलग-अलग लक्षण दिखाई पड़ते हैं।

१) मासिक धर्म के अंतराल में बदलाव होना। जैसे; मासिक धर्म २१ दिन पहले आ जाना या ४० दिन के बाद आना।

२) मासिक धर्म के दौरान बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग होना, मासिक धर्म की अनियमितता का लक्षण माना जाता है।

३) महावरी खत्म होने के बाद भी हल्का सा स्पॉटिंग होना।

४) लगातार दो से तीन पीरियड मिस होना, मासिक धर्म की अनियमितता का लक्षण माना जाता है।

५) युटेरस में दर्द, कमर दर्द और स्तनों में दर्द होना।

६) भूख की कमी तथा थकावट महसूस होना।

अनियमित मासिक धर्म के लिए घरेलू उपाय

अनियमित मासिक धर्म को प्राकृतिक रूप से नियमित करने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं।

१) धनिया के बीज-

एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिया बीज और एक चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर उबालें। पानी आधा रह जाए, उसके बाद में इस पानी को छान लें और उसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर पिएं। धनिया के बीज के पानी का सेवन आप दिन में दो बार कर सकते हैं। इससे आपके पीरियड्स रेगुलर होने में मदद मिलेगी।

२) पाइनएप्पल-

अनियमित मासिक धर्म को रेगुलर करने के लिए अननस का सेवन भी काफी गुणकारी साबित होता है। इसमें ब्रोमेलेन नामक एंजाइम पाया जाता है; जो गर्भाशय की परत को नरम बनाने का काम करता है। इसी कारण, अनियमित मासिक धर्म होने पर आप अननस का सेवन करें; इससे आपके पीरियड्स रेगुलर होने में काफी हद तक मदद मिलती है। इसी के साथ, मासिक धर्म के दौरान अगर आप अननस का सेवन करती हैं; तो इससे आपके दर्द एवं मांसपेशियों की ऐंठन को भी कम किया जा सकता है।

३) सौंफ का पानी-

अनियमित मासिक धर्म की समस्या के लिए सौंफ का पानी पीना काफी फायदेमंद साबित होता है। रात भर पानी में सौंफ भिगोकर रखें और सुबह उस पानी को छानकर उस पानी का सेवन करें। सौंफ को पानी में डालकर लगभग १० मिनट तक उबालें। पानी ठंडा होने पर पानी को छान लें और दिन भर इस पानी का थोड़ी थोड़ी देर में सेवन करें। यह दोनों प्रयोग आप कुछ दिनों तक करते रहिए; आप को इससे फायदा जरूर देखने को मिलेगा। सौंफ का पानी पीने से हमारे गर्भाशय में संकुचन आता है और पीरियड्स रेगुलर होने में मदद मिलती है।

४) पपीता-

कच्चे पपीते के साथ दही मिलाकर खाने से हमारे एस्ट्रोजन की मात्रा उत्तेजित होती है। जिस कारण हमारे पीरियड्स रेगुलर होने में मदद मिलती है। इसी के साथ, कच्चे पपीते का जूस पीने से भी अनियमित मासिक धर्म में काफी फायदा देखने को मिलता है। अनियमित मासिक धर्म की समस्या के लिए नियमित रूप से आप पपीते का सेवन करें या मासिक धर्म के कुछ दिन पहले ही आप पपीते का सेवन करना शुरू कर दें। 

५) एक्सरसाइज-

नियमित रूप से एक्सरसाइज को अपनी जीवनशैली का महत्वपूर्ण अंग बनाए और अनियमित मासिक धर्म जैसी समस्याओं से छुटकारा पाएं। दरअसल, एक्सरसाइज करने से हमारे शरीर में ब्लड सरकुलेशन अच्छे से होता है और हमारी पूरे ही शरीर की कार्यप्रणाली उचित रूप से काम करती हैं। एक्सरसाइज, मेडिटेशन, प्राणायाम करने से स्ट्रेस को भी मैनेज किया जा सकता है और हार्मोन की मात्रा भी शरीर में सही बनी रहती हैं; जिस कारण अनियमित मासिक चक्र से हमें छुटकारा मिल सकता है।

६) संतुलित आहार-

अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्प्राउट्स, पनीर, दही, छाछ, फल, फलों के जूस, सलाद आदि का समावेश अवश्य करें। आहार संतुलित होने से हमारे शरीर को पूरी तरह से पोषक तत्व मिलते हैं; जिस कारण महिलाओं में हार्मोन्स का बैलेंस बना रहता है। अपने आहार में कोल्ड ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक, जंक फूड, रेडी टू ईट फूड का समावेश ना करें। क्योंकि; यह सारे पदार्थ अनहेल्दी होते हैं और हमारे शरीर पर बुरा असर डालते हैं।

७) शराब तथा धूम्रपान ना करें-

शराब तथा धूम्रपान का सेवन ना सिर्फ हमारे पूरे शरीर के लिए खराब होता है; बल्कि महिलाओं में इसके कारण मासिक धर्म भी प्रभावित होता है। शराब और धूम्रपान सीधा हमारे हारमोंस पर असर करते हैं; जिस कारण हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है और हमें अनियमित मासिक धर्म के परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए, शराब और धूम्रपान को आज ही छोड़े।

डॉक्टर की सलाह-

कई बार घरेलू नुस्खे आजमा कर भी अनियमित मासिक धर्म में हमें कोई फर्क नजर नहीं आता है। ऐसे में, उसकी गंभीरता को देख कर आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अनियमित मासिक धर्म के कई साइंटिफिक कारण होते हैं; जो कभी-कभी हमारे समझ से परे होते हैं। इसीलिए, डॉक्टर की सलाह के अनुसार आप इसका निदान करें और उनके द्वारा बताए दवाइयों का सेवन करें।

दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का अनियमित मासिक धर्म के लक्षण, कारण और उपाय यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।

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