एयर प्यूरीफायर क्या होता है और कैसे काम करता है

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप? आज का हमारा विषय है एयर प्यूरीफायर क्या होता है,भारत में जैसे-जैसे प्रगति होती जा रही है, वैसे-वैसे वातावरण में प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। बढ़ती कंपनियों की वजह से भारत की तरक्की तो हो रही है, लेकिन वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। भारत के बड़े-बड़े शहरों में इंडस्ट्रीज की वजह से हवा जहरीली होती जा रही है। इंडस्ट्रीज के साथ साथ ही, बड़े शहरों में कार, बाइक आदि की संख्या और इस्तेमाल भी बढ़ रहा है; जो प्रदूषण को बढ़ाने में एक बड़ा कारण साबित हो रहा है। हमें लगता है, कि सिर्फ बाहर का वातावरण ही प्रदूषित होता है। लेकिन, बाहर वातावरण में मौजूद प्रदूषण हवा के साथ घर में भी प्रवेश करता है।

ऐसे में घर में मौजूद छोटे बच्चे, महिलाएं तथा बुजुर्ग लोग बढ़ते प्रदूषण का शिकार होते हैं। प्रदूषण की वजह से उन्हें एलर्जी, अस्थमा जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए ही एयर प्यूरीफायर का निर्माण किया गया है। बाजार में विभिन्न प्रकार के एयर प्यूरीफायर मिलते हैं; जो अलग प्रकार से काम करते हैं। इसीलिए, लोगों का एयर प्यूरीफायर के बारे में जानना जरूरी हो जाता है ताकि वह अपने घर के लिए खरीद सके। तो दोस्तों, आज जानेंगे एयर प्यूरीफायर क्या होता है और कैसे काम करता है।

एयर प्यूरीफायर क्या होता है ?

नाम से ही पता चलता है, कि एयर प्यूरीफायर मतलब हवा का शुद्धिकरण करने वाला यंत्र। इस यंत्र को खासतौर पर हानिकारक अवशेषों को कम करने के लिए और अशुद्ध हवा को शुद्ध करने के लिए बनाया गया है। यह यंत्र खासकर बंद स्थान या घर के अंदर की हवा में मौजूद हानिकारक पदार्थों को अलग करके हवा की क्वालिटी को बेहतर बनाने का के लिए काम करता है। ना सिर्फ घर में, लेकिन इस यंत्र का इस्तेमाल करते कंपनियों में भी किया जाता है; ताकि प्रक्रिया से पहले हवा में मौजूद अशुद्ध घटक को अलग किया जा सके।

घर में मौजूद अशुद्ध हवा को एयर प्यूरीफायर प्योर करके अस्थमा, एलर्जी जैसी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम कर देता है। ऐसे में, इस यंत्र का उपयोग काफी प्रचलित हो गया है। एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद बैक्टीरिया, मोल्ड, वायरस, अन्य कार्बन युक्त दूषित पदार्थों की मात्रा खत्म कर हवा को शुद्ध करने का काम करता है। एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने से शुद्ध ऑक्सीजन और ताजी हवा मिलती है; जिससे हम कई सारी एलर्जी की बीमारियों से दूर रह सकते हैं।

घर की हवा का प्रदूषण का स्तर बाहर की हवा की तुलना में लगभग ४-५ गुना तक अधिक होता है। तो आप सोच सकते हैं, कि घर के अंदर ही आपको कितनी प्रदूषित हवा मिलती हैं। ऐसे में, कई मरीजों को डॉक्टर खुद एयर प्यूरीफायर लगाने की सलाह देते हैं; ताकि वह एलर्जी से बचे रहें। इसीलिए, अगर आपके घर में भी एलर्जी के मरीज रहते हैं; तो एक बार आप एयर प्यूरीफायर लगाने के बारे में जरूर सोच सकते हैं। ना सिर्फ मरीजों के लिए बल्कि, घर के अन्य सदस्यों के लिए भी यह ताजी हवा प्रदान करता है; जिससे अन्य लोग भी एलर्जी से बच जाते हैं।

एयर प्यूरीफायर कैसे काम करता है

अलग-अलग एयर प्यूरीफायर्स में अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है; जिसके अनुसार उनका कार्य होता है। कई एयर प्यूरीफायर्स में फिल्टर का इस्तेमाल किया जाता है। हवा जैसे ही फिल्टर से गुजरती है; उसमें धूल के कण, प्रदूषण के कारण, एयरबोर्न पार्टिकल्स फिल्टर द्वारा रोक लिए जाते हैं और स्वच्छ हवा को बाहर कर दिया जाता है। फिल्टर बनाने में जाली या फाइबर का इस्तेमाल किया जाता है। इन फिल्टर्स को वक्त वक्त पर नियमित रूप से साफ भी किया जाता है या फिर बदल दिया जाता है। 

इन फिल्टर्स को मेंटेन करने के लिए भी सर्विस करनी पड़ती है। क्योंकि, फिल्टर द्वारा बड़े धूल के कण तथा परागकण को रोका जाता है। इसीलिए, बेहतर तरीके से काम करने के लिए फिल्टर की सर्विस जरूरी होती है। आजकल बाजार में यूवी फिल्टर भी मौजूद होते हैं। यूवी फिल्टर बैक्टीरिया, मोल्ड, वायरस जैसे हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने का काम करते हैं। लेकिन, इनको प्रभावी रूप से कार्य करने के लिए बड़े एक्स्पोज़र की आवश्यकता होती है।

घर की हवा को शुद्ध करने के लिए दो तकनीकों से काम करते हैं, पहले सक्रिय और दूसरी निष्क्रिय। सक्रिय एयर प्यूरीफायर हवा में नेगेटिव चार्ज आयन को छोड़ते हैं। इस प्रक्रिया के कारण घर के अंदर मौजूद हानिकारक कण और प्रदूषण के घटक घर के ठोस सतह पर जमा हो जाते हैं। वही, निष्क्रिय एयर प्यूरीफायर हवा से प्रदूषण के घटक हटाने के लिए फिल्टर का इस्तेमाल करते हैं; जिससे हवा में मौजूद धूल और एयरबोर्न पार्टिकल स्थाई रूप से हटा दिए जाते हैं। इसीलिए, इसे ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है।

किसी भी एयर प्यूरीफायर को खरीदते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए, कि वह ओजोन का उत्पादन ना करें। क्योंकि, ओजोन अस्थमा तथा फेफड़ों में जलन की समस्या उत्पन्न कर सकता है।

दोस्तों, अगर आप भी अपने परिवार वालों की सुरक्षा चाहते हैं; तो अपने घर में एयर प्यूरीफायर जरूर लगवाएं। एयर प्यूरीफायर लगाने से पहले उसके बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। क्योंकि, अलग-अलग प्रकार के एयर प्यूरीफायर अलग-अलग तकनीकों को से काम करते हैं। 

दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का एयर प्यूरीफायर क्या होता है यह ब्लॉग अच्छा लगा हो और काफी इंफॉर्मेशन दे गया हो। धन्यवाद।

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