चाणक्य नीति का अध्याय

चाणक्य नीति अध्याय
चाणक्य नीति अध्याय

अच्छा इंसान बनाने का तरीका :

में दुनिया ब्रमभंड के सबसे शक्तिमान तीनो लोगो के प्रति स्वामी विष्णु भगवान को सामने सर झुका-कर मै अनेक शास्त्रों से निकाले गए राजनीति तत्व को लोगों के कल्याण हेतु समाज के सामने प्रस्तुत करता करता रहूँगा।ओर हर दम एक अच्छा आदमी बना रहूँगा।

 कार्य की पहचान 

   अच्छा इंसान हमे राजनीति शास्त्र का विधि का अध्ययन करके यह समझ लेना चाहिए कि कौन सा कार्य करना चाहिए और कौन सा कार्य नहीं करना चाहिए। सही कार्य समझ कर हम अपने धर्म का उपदेश प्राप्त करता है, कि किस कार्य के करने से अच्छा परिणाम निकल सकता है  और किससे बुरा निकलेगा। उसे अपने जीवन में अच्छे बुरे का ज्ञान जल्दी हो जाता है।

जीवन का सार :

अच्छा इंसान कभी भी कहता है की, में लोगो की हित की कामना से यही कहूंगा कि, अगर कोई मनुष्य किसी बात को जान लेता है तो वह अपने जीवन मे सब कुछ भी जान सकता है ।

मूर्ख व्यक्ति से दूर रहे 

अच्छा इंसान कभी भी किसी मूर्ख छात्रों को पढ़ाने या दुष्ट स्त्री के साथ सम्बंध रखते हो। या और या दुखियों के साथ संबंध रखते हो तो वही बुद्धिमान व्यक्ति भी दुःखी दृष्ट, मूर्ख  होता है। अर्थात यह कि मूर्ख शिष्य को कभी भी कोई शिक्षा नहीं देना चाहिए, पापी  आचरण करने वाली स्त्री की संगति करना या दुःखी मनुष्यों के साथ जीवन वेटित  करने से विद्वान भले व्यक्ति को दुःख ही उठाना पड़ता है। यह जीवन की प्रथा है। तो आप कभी भी इनसे दूर रहे।

गृह हत्या की परख 

 अच्छा इंसान के घर मे, दुष्ट लोग, आपको कभी न समझने वाली स्त्री, किसी का छल करने वाला मित्र, पलट कर तीखा जवाब देने वाला किसीका नौकर तथा जिस के घर में सांप रहता है तो आप कभी , उस घर में निवास करने वाले  किसी व्यक्ति के मौत पर किसी भी प्रकार का संशय न करे। वह मनुष्य निश्चित मृत्यु होकर ही मरता है।

धन का उचित उपयोग

 अच्छा इंसान अपने बुरे समय के काम आने वाले धन की रक्षा करे। अपने धन से अपनी स्त्री की रक्षा करे और अपनी रक्षा धन और स्त्री से बढ़ाकर न माने। स्री आपका ओर आपके जीवन का सबसे बड़ा धन होती है। उसके साथ आप अपने जीवन को कुशल मंगल कर सकते हो।

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